साक्षरता अभियान शुरू, बंदियों को पुस्तक-कॉपी की किट वितरित; 20 सितंबर की साक्षरता परीक्षा में होंगे शामिल
निर्भय सक्सेना। पत्रकार सत्ता
बरेली। जिला कारागार, बरेली में निरक्षर बंदियों को शिक्षित करने के लिए साक्षरता अभियान की शुरुआत की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव जया प्रियदर्शिनी ने अभियान का शुभारंभ करते हुए सभी 27 निरक्षर बंदियों का पंजीकरण कराया। उनकी शिक्षा के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्तर से एक शिक्षक की तैनाती भी की गई है।
साक्षरता अभियान के दौरान जया प्रियदर्शिनी ने 27 बंदियों को पुस्तक, कॉपी, रबर, पेंसिल और स्लेट की एक-एक किट वितरित की। किट मिलने पर बंदियों में पढ़ने-लिखने को लेकर उत्साह दिखाई दिया।

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रोज तीन से चार घंटे होगी पढ़ाई
जेल अधीक्षक आलोक कुमार शुक्ला ने बताया कि तैनात शिक्षक प्रतिदिन तीन से चार घंटे बंदियों को पढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि बंदियों को शिक्षा से जोड़ने का उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और समाज की मुख्यधारा में वापस लाने में मदद करना है।
जया प्रियदर्शिनी ने बंदियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जेल में समय खाली बैठकर व्यर्थ न गंवाएं, बल्कि पढ़-लिखकर बेहतर इंसान बनने का प्रयास करें।
20 सितंबर को देंगे साक्षरता परीक्षा
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 20 सितंबर को देशभर में साक्षरता परीक्षा आयोजित की जाएगी। जिला कारागार के सभी 27 निरक्षर बंदी भी इस परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें एक महिला बंदी भी शामिल है।
भविष्य में बंदियों के लिए कक्षा पांच, कक्षा आठ, हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और डिग्री स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने की भी योजना है। इसके लिए बेसिक शिक्षा परिषद, एनआईओएस, इग्नू और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के विशेष केंद्र स्थापित कराने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। कारागार में पुस्तकालय स्थापित करने की योजना भी है।
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शिक्षा के साथ कौशल विकास पर जोर
जेल अधीक्षक आलोक कुमार शुक्ला ने कहा कि बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिक्षा के साथ व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रम भी जल्द शुरू किए जाएंगे। इससे बंदियों को जेल से बाहर निकलने के बाद रोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में सहायता मिलेगी।
कारागार में साक्षरता अभियान शुरू कराने में बरेली निवासी सेवानिवृत्त जेल अधीक्षक मो. अकरम खां का विशेष सहयोग और मार्गदर्शन रहा। कार्यक्रम का संचालन जेल अधीक्षक आलोक कुमार शुक्ला ने किया।
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इस अवसर पर डिप्टी जेलर राघवेंद्र सिंह वर्मा, वीरेश्वर प्रताप सिंह, सौमित्रदेव त्रिपाठी, देवदत्त, जिला समन्वयक साक्षरता आशीष, शिक्षाध्यापक संजीव गंगवार, चीफ हेड वार्डर रामगोपाल सिंह एवं महिला जेल वार्डर कु. रीना सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट: वरिष्ठ पत्रकार निर्भय सक्सेना, बरेली




