बढ़ती लागत से कम हो रहे हज आवेदन
पत्रकार सत्ता न्यूज़
लखनऊ। हज यात्रा की लगातार बढ़ती लागत को लेकर सामाजिक स्तर पर चिंता व्यक्त की जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ता शमसुल हसन उमरा ने केंद्र सरकार से वर्ष 2027 के लिए ऐसी नीति बनाने की मांग की है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के लोग भी आसानी से हज यात्रा कर सकें।
उन्होंने जारी बयान में कहा कि पिछले डेढ़ दशक में हज यात्रा का खर्च कई गुना बढ़ गया है। उनका दावा है कि पहले जहां सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी संख्या में लोग हज के लिए आवेदन करते थे, वहीं अब बढ़ती लागत के कारण अनेक परिवार आवेदन करने से भी पीछे हट रहे हैं।
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शमसुल हसन उमरा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में निर्धारित हज कोटा के मुकाबले आवेदन अपेक्षाकृत कम होने की चर्चा सामने आती रही है। उनका मानना है कि यात्रा की बढ़ती लागत इसका एक प्रमुख कारण हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने कोई आधिकारिक आंकड़ा प्रस्तुत नहीं किया।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि हज यात्रा को अधिक सुलभ बनाने के लिए नई योजनाओं पर विचार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिक इस धार्मिक यात्रा का लाभ उठा सकें। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि समय रहते नीति की घोषणा हो जाए तो इच्छुक लोग आर्थिक तैयारी भी कर सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि भारत से हज यात्रा का संचालन भारत सरकार, संबंधित राज्य हज समितियों और सऊदी अरब सरकार द्वारा तय नियमों एवं व्यवस्थाओं के अनुसार किया जाता है। यात्रा का अंतिम खर्च हवाई किराया, आवास, परिवहन, मुद्रा विनिमय दर तथा सऊदी अरब द्वारा निर्धारित सेवा शुल्क जैसे विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है। सरकार की ओर से वर्ष 2027 की हज नीति को लेकर फिलहाल कोई नई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।




