बरेली को आधुनिक और उद्योग-अनुकूल शहर बनाने का सुझाव

बरेली के विकास को आईआईए के सुझाव

आईआईए ने मंडलायुक्त को सौंपा सुझाव पत्र, जीरो प्वाइंट पर एलिवेटेड रोड से लेकर ईवी परिवहन और फ्लैटेड फैक्ट्री की रखी मांग

निर्भय सक्सेना। पत्रकार सत्ता
बरेली। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए), बरेली चैप्टर के प्रतिनिधिमंडल ने चैप्टर चेयरमैन शेखर अग्रवाल के नेतृत्व में मंडलायुक्त शंभू कुमार से शिष्टाचार भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने बरेली के औद्योगिक एवं आधारभूत विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझावों का पत्र सौंपा। इनमें जीरो प्वाइंट पर एलिवेटेड रोड, रजऊ औद्योगिक क्षेत्र का रोड सर्कुलेशन प्लान, एक जिला एक उत्पाद के लिए फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स, ब्लॉक से तहसील तक इलेक्ट्रिक वाहन आधारित सार्वजनिक परिवहन तथा आईवीआरआई की विशेषज्ञता से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने जैसे प्रस्ताव शामिल रहे।

आईआईए ने कहा कि बरेली में तेजी से बढ़ते औद्योगीकरण, शहरी विस्तार और यातायात दबाव को देखते हुए अगले 20 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर आधारभूत ढांचे की योजना तैयार करना जरूरी है।

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जीरो प्वाइंट पर एलिवेटेड रोड की मांग

आईआईए चेयरमैन शेखर अग्रवाल ने जीरो प्वाइंट पर बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए एलिवेटेड रोड या फ्लाईओवर निर्माण का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते वाहनों, औद्योगिक गतिविधियों और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले भारी वाहनों के कारण यातायात का दबाव बढ़ रहा है।

आईआईए ने मंडलायुक्त को विस्तृत सुझाव प्रतिवेदन सौंपते हुए आवश्यक सर्वेक्षण और तकनीकी अध्ययन कराने तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई का अनुरोध किया।

रजऊ औद्योगिक क्षेत्र के लिए रोड सर्कुलेशन प्लान

प्रतिनिधिमंडल ने रजऊ औद्योगिक क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए लेआउट और रोड सर्कुलेशन प्लान तैयार करने पर जोर दिया। आईआईए के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार और भविष्य में नए उद्योगों की स्थापना को देखते हुए सड़क नेटवर्क, प्रवेश-निकास व्यवस्था, भारी वाहनों की आवाजाही और आंतरिक यातायात को पहले से व्यवस्थित करना जरूरी है।

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ब्लॉक से तहसील तक ईवी परिवहन का प्रस्ताव

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन आधारित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने का सुझाव भी दिया गया। आईआईए ने कहा कि हाईवे और प्रमुख परिवहन मार्गों से दूर गांवों में कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को ब्लॉक एवं तहसील स्तर तक आवागमन में परेशानी होती है।

ब्लॉक से तहसील तक नियमित ईवी परिवहन सेवा शुरू होने से ग्रामीण युवाओं, विद्यार्थियों और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों को सुविधा मिल सकती है। साथ ही इससे प्रदूषण कम करने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

ओडीओपी के लिए फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स

आईआईए ने एक जिला एक उत्पाद योजना के स्थानीय उत्पादों और छोटे उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए बरेली में फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स विकसित करने का प्रस्ताव रखा। इसके लिए माधोवाड़ी अथवा नरकुलागंज क्षेत्र पर विचार करने का सुझाव दिया गया।

आईआईए के अनुसार फ्लैटेड फैक्ट्री में छोटे उद्यमियों और स्टार्टअप को कम लागत पर तैयार औद्योगिक स्थान, साझा सुविधाएं और जरूरी आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे नए उद्योगों की स्थापना और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

आईवीआरआई की विशेषज्ञता से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) की विशेषज्ञता का लाभ उठाकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने का सुझाव भी दिया। प्रस्ताव के तहत पशु चिकित्सा दवाओं एवं संबंधित उत्पादों के निर्माण, अनुसंधान, प्रशिक्षण और स्टार्टअप विकास को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक एवं अनुसंधान हब विकसित करने की बात कही गई।

आईआईए ने कहा कि इससे बरेली और आसपास के क्षेत्रों में युवा उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होने के साथ पशु चिकित्सा क्षेत्र में निवेश और रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

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अगले 20 वर्षों के विकास पर जोर

आईआईए प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बरेली के औद्योगिक विकास के लिए शहर को हाईवे, मंडी, लॉजिस्टिक्स हब और आसपास के जिलों से बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ना जरूरी है। बेहतर सड़क, यातायात, सार्वजनिक परिवहन और औद्योगिक कनेक्टिविटी का लाभ उद्योगों के साथ आम नागरिकों, विद्यार्थियों और रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को भी मिलेगा।

चैप्टर चेयरमैन शेखर अग्रवाल ने कहा कि आईआईए शासन-प्रशासन के साथ संवाद और समन्वय के जरिए बरेली के औद्योगिक विकास के लिए लगातार काम करता रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तुत सुझाव वर्तमान समस्याओं के साथ-साथ बरेली के अगले 20 वर्षों के सुनियोजित और टिकाऊ विकास को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त से संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर प्रस्तावों का सर्वेक्षण एवं व्यवहार्यता अध्ययन कराने और उन्हें शासन स्तर तक भेजने की पहल करने का अनुरोध किया।

प्रतिनिधिमंडल में चैप्टर सचिव धनंजय विक्रम सिंह, आशीष गुप्ता, विमल रिवाड़ी, मयूर धीरवानी एवं अभिनव कटरू मौजूद रहे।

रिपोर्ट: वरिष्ठ पत्रकार निर्भय सक्सेना, बरेली

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