जंतर मंतर पहुंचे स्वामी प्रसाद मौर्य, छात्र आंदोलन को दिया समर्थन

RSSP प्रमुख स्वामी प्रसाद मौर्य पहुंचे जंतर मंतर

अभिजीत दीपके से मुलाकात, शिक्षा सुधार की उठाई मांग, “युवाओं की आवाज दबाई नहीं जा सकती”

पत्रकार सत्ता। सोशल मीडिया डेस्क
नई दिल्ली। पेपर लीक, परीक्षा सुधार और छात्रों के अधिकारों को लेकर जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन को गुरुवार को एक और राजनीतिक समर्थन मिला। राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी (RSSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य आंदोलन स्थल पहुंचे और छात्र नेता अभिजीत दीपके सहित अन्य आंदोलनकारियों से मुलाकात कर उनके संघर्ष का समर्थन किया।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और कथित पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

आंदोलन स्थल पर उन्होंने घायल छात्रों और आंदोलन में शामिल युवाओं से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि छात्र अपने भविष्य की सुरक्षा और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं तो सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए, न कि टकराव का।

जंतर मंतर पर चल रहे इस आंदोलन को पिछले कुछ दिनों में विभिन्न विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों, अधिवक्ताओं, शिक्षकों और कई जनप्रतिनिधियों का समर्थन मिल चुका है। आंदोलनकारी लगातार पेपर लीक के मामलों में कड़ी कार्रवाई, परीक्षा सुधार, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।

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हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विभिन्न दलों के नेताओं के लगातार जंतर मंतर पहुंचने से छात्र आंदोलन का राजनीतिक महत्व बढ़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राज्यों की राजनीति में भी प्रमुखता से बना रह सकता है।

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