मायावती बोलीं- बेरोजगार युवाओं, छात्रों और बाढ़ से प्रभावित लोगों की समस्याएं ज्यादा महत्वपूर्ण
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने वंदे मातरम् के पूर्ण गायन या शुरुआती दो छंदों को लेकर देश में चल रही राजनीतिक बहस को अनुचित बताया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जिस तरह की राजनीति हो रही है, वह ठीक नहीं है।
मायावती ने कहा कि वंदे मातरम् के गायन को लेकर हाल ही में संसद में कानून पारित किया गया है, लेकिन सत्ता परिवर्तन के दौरान केंद्र और राज्यों में राजनीतिक दल अपने स्वार्थ और राजनीतिक लाभ के लिए पूर्ववर्ती सरकारों के बनाए कानूनों में बदलाव करते रहे हैं। कई बार ऐसे मुद्दों के जरिए जनता का ध्यान वास्तविक समस्याओं से हटाने का प्रयास भी किया जाता है।
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बसपा प्रमुख ने कहा कि मौजूदा समय में केंद्र और सभी राज्य सरकारों के साथ राजनीतिक दलों को देश और जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। खासकर बेरोजगार युवाओं, छात्र-छात्राओं, जेन-जी और स्कूली बच्चों की समस्याओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मायावती ने देश के कुछ हिस्सों में आई भीषण बाढ़ से हो रही जान-माल की हानि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे गंभीर हालात में सरकारों को राहत और बचाव कार्यों तथा प्रभावित लोगों की मदद पर समुचित ध्यान देना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को आपसी आरोप-प्रत्यारोप और विवादित मुद्दों से ऊपर उठकर जनता से जुड़े वास्तविक सवालों पर काम करना चाहिए। वर्तमान परिस्थितियों में देश और जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना ही समय की सबसे बड़ी जरूरत है।




