व्यापक हिंसा की आधिकारिक पुष्टि नहीं, पुलिस के साथ हल्की धक्का मुक्की तथा बैरिकेडिंग के पास अफरा तफरी की स्थिति बनी।
नदीम वक़ार
लखनऊ। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर मंतर स्थित अनशन स्थल से अस्पताल ले जाने के बाद देश के कई हिस्सों में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर हिंसा और व्यापक तोड़फोड़ के कई दावे किए जा रहे हैं, लेकिन समाचार लिखे जाने तक ऐसी घटनाओं की देशव्यापी पुष्टि किसी आधिकारिक एजेंसी ने नहीं की है।
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दिल्ली पुलिस ने बताया कि वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। उच्च न्यायालय के निर्देशों और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर उन्हें जंतर मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान कुछ समर्थकों ने विरोध किया और पुलिस के साथ हल्की धक्का मुक्की तथा बैरिकेडिंग के पास अफरा तफरी की स्थिति बनी। पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया।
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घटना के बाद जंतर मंतर पर समर्थकों की संख्या बढ़ी। छात्र संगठनों सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न समूहों ने विरोध प्रदर्शन किए। विपक्ष के कई नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की जबकि दिल्ली पुलिस ने अपने कदम को स्वास्थ्य सुरक्षा और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप बताया।
सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए जिनमें बैरिकेड गिरने और भीड़ के हंगामे जैसे दृश्य दिखाई दे रहे हैं। लेकिन उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इन सभी वीडियो का संबंध इसी घटना से होना प्रमाणित नहीं हुआ है। कई वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। इसलिए उन्हें अंतिम तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
वांगचुक को अस्पताल भेजे जाने के बाद आंदोलन समाप्त नहीं हुआ। उनके समर्थकों ने प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की। कुछ संगठनों ने नए चरण के आंदोलन और संसद मार्च की तैयारी की बात कही है। इसके मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी है।
दिल्ली के अलावा उत्तराखंड के नैनीताल सहित कुछ स्थानों पर शांतिपूर्ण समर्थन सभाओं और मौन प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं। समाचार लिखे जाने तक किसी राज्य में इस मुद्दे पर बड़े पैमाने पर हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
तथ्य जांच
- सोनम वांगचुक को अनशन स्थल से अस्पताल ले जाया गया — पुष्ट।
- जंतर मंतर पर विरोध और हल्का तनाव हुआ — पुष्ट।
- देशभर में व्यापक हिंसा और तोड़फोड़ हुई — आधिकारिक पुष्टि नहीं।
- सोशल मीडिया के सभी वायरल वीडियो इसी घटना के हैं — पुष्टि नहीं।
नदीम वकार
लखनऊ ब्यूरो प्रमुख पत्रकार सत्ता डिजिटल संस्करण
पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का अनुभव। क्राइम, राजनीति, प्रशासन और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर तथ्यपरक एवं निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रस्तुत समाचार उनकी निजी रिसर्च पर आधारित है।




