पत्रकार सत्ता अंतर्राष्ट्रीय डेस्क
अंकारा। तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैय्यप एर्दोगन ने मुस्लिम समुदाय से शिया और सुन्नी के बीच मतभेद समाप्त कर आपसी एकता मजबूत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों की सबसे बड़ी पहचान उनका धर्म इस्लाम है इसलिए संप्रदाय के आधार पर विभाजन से बचना चाहिए।
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एर्दोगन ने अपने संबोधन में कहा कि इस्लामी जगत को वर्तमान वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए आपसी सहयोग और भाईचारे की आवश्यकता है। उन्होंने मुस्लिम देशों और समाजों से संवाद तथा एकजुटता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
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एर्दोगन के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों ने इसे मुस्लिम एकता की दिशा में सकारात्मक पहल बताया जबकि कुछ लोगों ने क्षेत्रीय और राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में भी इसकी व्याख्या की। फिलहाल इस बयान को लेकर विभिन्न देशों और मंचों पर अलग अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
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विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में लंबे समय से चले आ रहे सांप्रदायिक मतभेदों और क्षेत्रीय तनाव के बीच इस प्रकार की अपील का कूटनीतिक और सामाजिक महत्व माना जा रहा है। हालांकि विभिन्न देशों की राजनीतिक परिस्थितियों के कारण इसके प्रभाव का आकलन आने वाले समय में ही स्पष्ट हो सकेगा।




