न जेवर मिले, न मौत की वजह साफ; जांच में जुटीं कई टीमें
ज़मीर हैदर | पत्रकार सत्ता
लखनऊ /अंबेडकरनगर। आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की मां इंद्रावती देवी की संदिग्ध मौत और जेवरात गायब होने के मामले में पुलिस ने बुधवार को महत्वपूर्ण जानकारी दी। एसपी प्राची सिंह ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर जेवरात बरामद होने की चल रही खबरें सही नहीं हैं। एफआईआर में जिन अधिकांश जेवरात का उल्लेख है, वे अब तक बरामद नहीं हुए हैं।
एसपी के मुताबिक मौके से तुलसी की माला और पीली धातु की कीलनुमा कुछ वस्तुएं मिली थीं, जिन्हें परिवार को सौंप दिया गया है। इसके अलावा एफआईआर में दर्ज अधिकांश जेवरात की बरामदगी अभी बाकी है।
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पोस्टमार्टम से भी नहीं खुला मौत का राज
पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। इसके चलते बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है। हृदय संबंधी जांच भी कराई जा रही है, ताकि मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सके।
16 अगस्त को मालीपुर थाना क्षेत्र के रूढ़ा धमरुआ गांव स्थित घर में इंद्रावती देवी का शव मिला था। शुरुआती सूचना में मौत को हार्ट अटैक बताया गया था, लेकिन बाद में आईपीएस आशुतोष मिश्रा ने हत्या की आशंका जताते हुए हत्या और लूट की एफआईआर दर्ज कराई थी। घटनास्थल पर शुरुआती जांच में शरीर पर चोट या संघर्ष के स्पष्ट निशान नहीं मिलने की बात भी पुलिस ने कही थी।
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कई टीमें कर रहीं जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं। रिश्तेदारों, घरेलू सहायकों और गांव के अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। डीआईजी अयोध्या सोमेन वर्मा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच की समीक्षा की और आईपीएस आशुतोष मिश्रा से मुलाकात कर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया।
एसपी प्राची सिंह ने कहा कि पुलिस “निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच” कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस किसी निर्दोष को क्यों फंसाएगी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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इस समय मामले में सबसे अहम तीन सवाल हैं—मौत की वास्तविक वजह क्या थी, गायब बताए गए जेवर कहां हैं और क्या हत्या की आशंका जांच में पुष्ट होती है। इन सवालों का जवाब बिसरा, फॉरेंसिक जांच और पुलिस की आगे की विवेचना से मिलने की उम्मीद है।
रिपोर्ट : ज़मीर हैदर, लखनऊ ब्यूरो




