गुलाबी नगरी हुई नीली: चंद्रशेखर आजाद ने डांगावास न्याय को लेकर राजस्थान में खोला मोर्चा

चंद्रशेखर आजाद का डांगावास पर बड़ा प्रदर्शन, जयपुर में गरजे समर्थक

40 आरोपियों के बरी होने पर भड़का आक्रोश, जयपुर में प्रदर्शन के बाद विधानसभा की ओर बढ़े समर्थक

पत्रकार सत्ता डिजिटल डेस्क
जयपुर। डांगावास हत्याकांड में सभी 40 आरोपियों के बरी होने के बाद न्याय की मांग को लेकर भीम आर्मी प्रमुख एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में शुक्रवार को जयपुर में बड़ा प्रदर्शन हुआ। शहीद स्मारक पर बड़ी संख्या में समर्थक जुटे और डांगावास पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठाई।

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प्रदर्शन के दौरान नीले झंडों और नारों के बीच चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि यदि डांगावास में पांच लोगों की हत्या और हिंसा हुई थी तो जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें सजा दिलाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन का रास्ता लोकतांत्रिक और कानूनी है तथा पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

40 आरोपियों के बरी होने से नाराजगी

14 मई 2015 को नागौर जिले के डांगावास गांव में जमीन विवाद के दौरान हिंसा हुई थी। इस घटना में पांच दलितों समेत छह लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की बात सामने आई थी। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।

करीब 11 वर्ष बाद अगस्त 2026 में मेड़ता की विशेष एससी/एसटी अदालत ने मामले में 40 आरोपियों को बरी कर दिया। फैसले के बाद पीड़ित परिवारों और सामाजिक संगठनों की ओर से सवाल उठाए गए हैं।

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चंद्रशेखर आजाद ने इसी मुद्दे को लेकर विधानसभा घेराव का ऐलान किया। समर्थक विधानसभा की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया।

हाईकोर्ट में अपील की तैयारी

अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे पीड़ित परिवारों को आगे न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

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डांगावास प्रकरण को लेकर चंद्रशेखर आजाद का आंदोलन अब राजस्थान की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। उनका कहना है कि न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। वहीं अब निगाहें सरकार की अगली कार्रवाई और प्रस्तावित कानूनी अपील पर टिकी हैं।

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