शाहनवाज आलम ने उठाए कानून व्यवस्था पर सवाल
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज आलम ने देहरादून में एक मुस्लिम दुकानदार को कथित रूप से धमकी दिए जाने की घटना पर उत्तराखंड सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना में शामिल लोगों के विरुद्ध अब तक कठोर कार्रवाई नहीं की गई है और सरकार को ऐसे आरोपितों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजना चाहिए।
शाहनवाज आलम ने रविवार को जारी बयान में कहा कि सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित वीडियो में कुछ लोगों को एक मुस्लिम दुकानदार को हिंदू बहुल क्षेत्र छोड़ने की चेतावनी देते हुए देखा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में पहले भी फेरीवालों, ठेला संचालकों और छोटे व्यापारियों के साथ इस प्रकार की घटनाएं सामने आती रही हैं। उनके अनुसार ऐसे मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई होना आवश्यक है।
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कांग्रेस नेता ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय द्वारा इस मामले में स्वतः संज्ञान नहीं लेने पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि किसी नागरिक के मौलिक अधिकारों के हनन के आरोप सामने आते हैं तो न्यायपालिका की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने इस संदर्भ में उच्च न्यायालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
शाहनवाज आलम ने कहा कि कांग्रेस शीघ्र ही एक जांच समिति उत्तराखंड भेजेगी, जो राज्य में सांप्रदायिक तनाव और ऐसे मामलों की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है और किसी भी नागरिक के साथ धर्म के आधार पर भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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उल्लेखनीय है कि यह बयान कांग्रेस नेता शाहनवाज आलम का है। समाचार लिखे जाने तक उत्तराखंड सरकार, पुलिस अथवा उच्च न्यायालय की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई थी। यदि संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




