नेतन्याहू की अग्नि परीक्षा मानी जा रही चुनावी लड़ाई
एजेंसी
यरूशलम। इजरायल में अगले आम चुनाव 27 अक्तूबर 2026 को होंगे। देश की संसद नेसेट ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसके साथ ही समय से पहले चुनाव कराए जाने की अटकलों पर विराम लग गया है। वर्तमान सरकार अपना निर्धारित कार्यकाल पूरा करने के बाद चुनाव में जाएगी।
यह चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। पिछले कई दशकों में पहली बार कोई इजरायली सरकार अपना पूरा कार्यकाल पूरा करने के बाद चुनाव का सामना करेगी। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने राजनीतिक अस्थिरता के दौर के बाद अपना कार्यकाल पूरा किया है।
इस बार का चुनाव गाजा युद्ध और क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि में हो रहा है। अक्तूबर 2023 में हमास के हमले के बाद शुरू हुए संघर्ष और उसके बाद गाजा लेबनान तथा ईरान से बढ़े सैन्य तनाव ने इजरायल की राजनीति को गहराई से प्रभावित किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव परिणाम को प्रधानमंत्री नेतन्याहू के नेतृत्व और उनकी सुरक्षा नीति पर जनता की राय के रूप में भी देखा जाएगा।
हाल के जनमत सर्वेक्षणों में नेतन्याहू के गठबंधन को पहले की तुलना में कठिन मुकाबले का संकेत मिला है। हालांकि विपक्ष अभी भी पूरी तरह एकजुट नहीं है और प्रधानमंत्री पद के लिए कोई सर्वमान्य चेहरा सामने नहीं आ सका है। ऐसे में चुनावी मुकाबला काफी रोचक होने की संभावना है।
इसे भी जानें- छात्रा ने रसायन प्रयोग से बढ़ाया विज्ञान का उत्साह, सरल प्रयोग से विद्यार्थियों को दिया वैज्ञानिक संदेश
उधर नेतन्याहू के विरुद्ध लंबे समय से चल रहे भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई भी जारी है। विपक्ष इन मुद्दों को चुनावी अभियान में प्रमुखता से उठा रहा है जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन राष्ट्रीय सुरक्षा और युद्धकालीन नेतृत्व को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बता रहा है।
अब पूरे देश की नजर 27 अक्तूबर को होने वाले मतदान पर है जहां मतदाता तय करेंगे कि इजरायल की बागडोर एक बार फिर नेतन्याहू के हाथों में रहेगी या सत्ता परिवर्तन होगा।




