सरकार ने फैसले को फिलिस्तीन के समर्थन से जोड़ा
पत्रकार सत्ता
माले। हिंद महासागर के द्वीपीय देश मालदीव ने इजरायली पासपोर्ट रखने वाले लोगों के देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लागू कर दिया है। यह फैसला मालदीव के संशोधित आव्रजन कानून के तहत प्रभावी है। सरकार का कहना है कि यह कदम फिलिस्तीनी जनता के समर्थन और गाजा में जारी संघर्ष पर उसकी आधिकारिक नीति के अनुरूप उठाया गया है।
मालदीव के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज्जू ने अप्रैल 2025 में आव्रजन अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी थी, जिसके बाद इजरायली पासपोर्ट धारकों के प्रवेश पर औपचारिक रोक लागू हो गई। मालदीव सरकार ने अपने आधिकारिक बयान में कहा था कि यह निर्णय फिलिस्तीनी मुद्दे के प्रति उसके समर्थन को दर्शाता है।
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हाल के महीनों में सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर फिर से व्यापक चर्चा शुरू हुई है। हालांकि यह कोई नया निर्णय नहीं है, बल्कि पहले से लागू नीति है जो अब भी प्रभावी है। मालदीव के आधिकारिक वीजा दिशानिर्देशों में भी स्पष्ट उल्लेख है कि 15 अप्रैल 2025 से इजरायली पासपोर्ट पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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इस फैसले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। मालदीव सरकार इसे अपनी विदेश नीति और मानवीय रुख का हिस्सा बता रही है, जबकि इजरायल ने पहले अपने नागरिकों को मालदीव की यात्रा से बचने की सलाह दी थी।



