अमेरिका-ईरान तनाव फिर चरम पर, हमलों से पश्चिम एशिया में बढ़ी चिंता

अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा: सैन्य कार्रवाई से पश्चिम एशिया में बढ़ी चिंता

अमेरिका ने अनेक ठिकानों पर कार्रवाई का दावा किया, समुद्री सुरक्षा, तेल आपूर्ति और वैश्विक बाजार पर दिखने लगा असर

एजेंसी
तेहरान/वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई करने का दावा किया है। इस घटनाक्रम के बाद पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव का असर समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है।

इस बीच ईरान में शोक का माहौल बना हुआ है। बड़ी संख्या में लोग पूर्व सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सड़कों पर पहुंचे। वहीं अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि सैन्य अभियान अभी कुछ समय तक जारी रह सकता है।

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संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संस्था ने भी खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। संस्था के अनुसार फारस की खाड़ी में हजारों नाविक अब भी जहाजों पर फंसे हुए हैं और लगातार बढ़ते तनाव के कारण उनकी सुरक्षा तथा मानसिक स्थिति को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की गई है।

उधर इस्राइल ने भी कहा है कि वह क्षेत्र की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सुरक्षा एजेंसियों को उच्च सतर्कता पर रखा गया है।

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इधर ईरान की एक समाचार एजेंसी ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक भारतीय तेल टैंकर को वापस लौटा दिया गया। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। यदि यह स्थिति लंबी चली तो वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

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तनाव बढ़ने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि सोने के भाव में गिरावट आई। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात सामान्य नहीं हुए तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर और गहरा हो सकता है।

तनाव के प्रमुख असर

  • अमेरिका ने ईरान में कई ठिकानों पर कार्रवाई का दावा किया।
  • फारस की खाड़ी में हजारों नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियों पर बढ़ी निगरानी।
  • भारतीय तेल टैंकर को लौटाए जाने का दावा, आधिकारिक पुष्टि नहीं।
  • कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, सोने के दाम में गिरावट।
  • इस्राइल ने किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी होने की बात कही।

यह समाचार विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। सैन्य कार्रवाई, जहाजों की आवाजाही तथा अन्य दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित देशों और एजेंसियों द्वारा जारी अद्यतन के अनुसार ही मानी जाएगी।

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