पत्रकार सत्ता ब्यूरो
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की शिक्षण इमारतों पर हुई कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय की इमारतों को ध्वस्त करने की कार्रवाई पर रोक लगाने का फैसला उचित है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए।
मायावती ने कहा कि यदि किसी शिक्षण संस्थान के निर्माण में स्वीकृत नक्शे या अन्य सरकारी नियमों के अनुपालन में कमी रह गई है, तो सरकार को सीधे बुलडोजर कार्रवाई के बजाय उन्हें नियमित कराने की नीति अपनानी चाहिए। उनके अनुसार, ऐसी कार्रवाई का असर वहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के भविष्य पर पड़ सकता है।
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मायावती की प्रमुख मांगें
- जौहर विश्वविद्यालय पर रोक के फैसले का स्वागत।
- बुलडोजर कार्रवाई के बजाय नियमितीकरण की नीति अपनाने की सलाह।
- छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देने की मांग।
- सभी शिक्षण संस्थानों के लिए समान नीति की पैरवी।
बसपा प्रमुख ने कहा कि यह बात केवल जौहर विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं है। यदि प्रदेश में अन्य शिक्षण संस्थान भी नियमों के पालन से संबंधित समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो सरकार को जनहित में उन्हें सुधारने और नियमित करने की प्रक्रिया अपनानी चाहिए।
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उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी इस सलाह पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी और छात्रों के हितों को प्राथमिकता देगी।




