पत्रकार सत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली। लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने शिक्षा व्यवस्था और छात्र आत्महत्या के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री रहने के दौरान 21 छात्रों ने आत्महत्या की, लेकिन सरकार ने नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की।
गौरव गोगोई ने सदन में कहा कि इस्तीफा देने के बाद जब धर्मेंद्र प्रधान संसद परिसर पहुंचे तो भाजपा सांसदों ने उनका स्वागत ऐसे किया, मानो उन्होंने कोई बड़ी उपलब्धि हासिल की हो। कांग्रेस का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवालों पर सरकार जवाब देने से बच रही है।
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कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर भी गोगोई के भाषण का वीडियो साझा करते हुए केंद्र सरकार पर छात्रों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि छात्रों के भविष्य, परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के बजाय सरकार आलोचनाओं से बचने का प्रयास कर रही है।
वहीं, भाजपा की ओर से कांग्रेस के इन आरोपों पर तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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कांग्रेस के प्रमुख आरोप
- शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में 21 छात्रों की आत्महत्या का दावा।
- शिक्षा व्यवस्था पर जवाबदेही तय करने की मांग।
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भाजपा पर राजनीतिक संदेश देने का आरोप।
- छात्र हितों को प्राथमिकता देने की मांग।




