बसपा प्रमुख बोलीं—पीड़ित परिवारों को मुफ्त कानूनी सहायता और प्रभावी पैरवी उपलब्ध कराए सरकार
पत्रकार सत्ता न्यूज़
लखनऊ/नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के ऊना में वर्ष 2016 के चर्चित दलित अत्याचार मामले में अधिकांश आरोपियों के बरी होने पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने राज्य सरकार से स्थानीय अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देकर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है।
मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने बयान में कहा कि मार्च 2026 में स्थानीय अदालत द्वारा 40 में से 35 आरोपियों को बरी किए जाने के बाद पीड़ित परिवारों के सामने हाईकोर्ट में न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए आर्थिक और कानूनी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से विशेष रूप से बहुजन समाज में चिंता व्याप्त है।
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बसपा प्रमुख ने कहा कि घटना के समय वह स्वयं पीड़ित परिवारों से मिलने ऊना गई थीं और तथ्यों की जानकारी लेने के बाद राज्य सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। उनका आरोप है कि देशभर में विरोध के बावजूद बड़ी संख्या में आरोपियों का बरी होना दलितों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति सरकारी उदासीनता को दर्शाता है।
मायावती ने गुजरात सरकार से अपील की कि वह इस मामले में हाईकोर्ट में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करे, ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके और पीड़ित परिवारों को न्याय प्राप्त हो। उन्होंने यह भी मांग की कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों को उनकी संतुष्टि के अनुसार सरकारी खर्च पर सक्षम अधिवक्ता उपलब्ध कराए। साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार ने गरीबों के लिए मुफ्त कानूनी सहायता का प्रावधान किया था।
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