रात 10 से सुबह 6 बजे तक ही खोलने की अनुमति, विवाद से बचने के लिए बनाए गए नियम
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली। ट्रेन में सफर के दौरान मिडिल बर्थ को लेकर अक्सर यात्रियों के बीच विवाद देखने को मिलता है। कोई दिन में ही मिडिल बर्थ खोलकर सोना चाहता है, तो लोअर बर्थ पर बैठे यात्रियों को बैठने में परेशानी होती है। ऐसे विवादों से बचने के लिए भारतीय रेलवे ने स्पष्ट नियम निर्धारित किए हैं।
रेलवे के नियमों के अनुसार, मिडिल बर्थ केवल रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही खोली जा सकती है। इस समय के अलावा लोअर बर्थ पर बैठे यात्री को बैठने का अधिकार होता है और मिडिल बर्थ को बंद रखा जाना चाहिए।
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मिडिल बर्थ से जुड़े नियम
- रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक ही मिडिल बर्थ खोलें।
- दिन में लोअर बर्थ पर बैठे यात्री को प्राथमिकता दें।
- विवाद होने पर TTE या रेलवे स्टाफ से संपर्क करें।
- आपसी सहयोग से यात्रा को सुखद बनाएं।
रेलवे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिन के समय सभी यात्री आराम से बैठ सकें और रात में सभी को सोने की सुविधा मिल सके। यदि कोई यात्री निर्धारित समय से पहले मिडिल बर्थ खोल देता है और इससे दूसरे यात्रियों को असुविधा होती है, तो पहले आपसी सहमति से मामला सुलझाने का प्रयास करना चाहिए।
यदि विवाद बढ़ता है, तो यात्री ट्रेन टिकट परीक्षक (TTE) या रेलवे स्टाफ से शिकायत कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की भी सहायता ली जा सकती है।
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रेलवे यात्रियों से अपील करता है कि वे यात्रा के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करें और अन्य यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखें, ताकि सभी का सफर सुरक्षित और आरामदायक रहे।




