लखनऊ विश्वविद्यालय में अधिकारियों ने साझा किया रोडमैप
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पशुधन विकास को नई गति देने के उद्देश्य से लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में पशु स्वास्थ्य, रोग नियंत्रण, उन्नत प्रजनन तकनीक और डिजिटल अभिलेखीकरण को भविष्य की प्राथमिकता बताया गया। कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम, विशेष सचिव देवेंद्र पाण्डेय तथा पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शन दिया।
अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने कहा कि पशुपालन क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने पशुओं के नियमित टीकाकरण, समयबद्ध उपचार और डिजिटल डेटा फीडिंग को मजबूत करने पर बल दिया ताकि योजनाओं का लाभ पात्र पशुपालकों तक पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।
विशेष सचिव देवेंद्र पाण्डेय ने विभागीय योजनाओं के बेहतर समन्वय और ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था अपनाने से पशुधन संबंधी सूचनाओं का सटीक संकलन होगा और नीतिगत निर्णय लेने में सुविधा मिलेगी।
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निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने उन्नत प्रजनन तकनीकों के अधिक उपयोग, रोगों की रोकथाम और पशुधन उत्पादकता बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पशु चिकित्सकों से वैज्ञानिक पद्धतियों को गांव-गांव तक पहुंचाने और पशुपालकों को जागरूक करने का आह्वान किया।
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कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए पशु चिकित्सकों और विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य पशुधन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना तथा राज्य में पशुपालन को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाना रहा।
मुख्य बिंदु
- पशु स्वास्थ्य और टीकाकरण पर जोर
- उन्नत प्रजनन तकनीक को बढ़ावा
- डिजिटल डेटा फीडिंग होगी मजबूत




