कांग्रेस का आरोप ‘विधानसभा चुनाव के बाद राज्य सरकार बड़ी संख्या में महिलाओं को योजना के दायरे से बाहर करने में लगी।’
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
मुंबई। महाराष्ट्र की लाडकी बहिन योजना को लेकर कांग्रेस और महायुति सरकार के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव के बाद राज्य सरकार बड़ी संख्या में महिलाओं को योजना के दायरे से बाहर कर रही है। पार्टी ने इसे चुनावी वादों से पीछे हटने का मामला बताया है।
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सामाजिक माध्यम मंच पर दावा किया कि सरकार ने ई केवाईसी प्रक्रिया के नाम पर लगभग 62 लाख श्रमिक और कामकाजी महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया है। पार्टी का यह भी आरोप है कि करीब एक लाख अस्सी हजार महिलाओं को आयु संबंधी कारणों का हवाला देकर लाभार्थियों की सूची से हटा दिया गया है।
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कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान महिलाओं से बड़े वादे किए गए, लेकिन अब उन्हें योजना से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को पात्र महिलाओं का लाभ बंद करने के बजाय प्रक्रिया को सरल बनाना चाहिए।
उधर महाराष्ट्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि योजना के अंतर्गत केवल पात्र लाभार्थियों को ही आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार के अनुसार लाभार्थियों का सत्यापन, ई केवाईसी, आयु, आय सीमा तथा अन्य पात्रता मानकों की नियमित जांच की जा रही है ताकि अपात्र लोगों को योजना का लाभ न मिले। राज्य सरकार का कहना है कि पात्र महिलाओं का लाभ बंद करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है और सत्यापन के बाद योग्य लाभार्थियों को भुगतान जारी रहेगा।
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लाडकी बहिन योजना महाराष्ट्र सरकार की प्रमुख सामाजिक योजनाओं में शामिल है। इसके तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। हाल के महीनों में लाभार्थियों के सत्यापन और अभिलेखों के मिलान की प्रक्रिया चल रही है, जिसे लेकर राजनीतिक आरोप और प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।




