पत्रकार सत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था के सेवा क्षेत्र का आकलन करने के लिए पहली बार सेवा उत्पादन सूचकांक के परीक्षण आंकड़े जारी किए। राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित पत्रकार वार्ता में सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने इस नई व्यवस्था को अर्थव्यवस्था के आकलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
अब तक औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के माध्यम से केवल औद्योगिक गतिविधियों का नियमित आकलन किया जाता था। नया सेवा उत्पादन सूचकांक व्यापार, परिवहन, बैंकिंग, बीमा, दूरसंचार, होटल, रियल एस्टेट, पेशेवर सेवाओं सहित कई प्रमुख सेवा क्षेत्रों की मासिक प्रगति का आकलन करेगा। फिलहाल इसे परीक्षण आधार पर जारी किया गया है, ताकि विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त होने के बाद इसे और अधिक सटीक बनाया जा सके। स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को बाद के चरण में इसमें शामिल करने की योजना है।
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इसी दौरान पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने जिला अधिकारियों के पेयजल संवाद का दसवां आयोजन किया। इसमें जल जीवन मिशन दो के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ पेयजल सेवाओं की सफल पहल साझा की गई। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, कर्नाटक के हावेरी, झारखंड के दुमका, गोवा के दक्षिण गोवा और त्रिपुरा के उनाकोटी जिलों ने अपने नवाचार और बेहतर कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया। इन जिलों में जल स्रोतों के संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और ग्रामीण पेयजल प्रबंधन के सफल मॉडल प्रस्तुत किए गए।
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विशेषज्ञों का मानना है कि सेवा उत्पादन सूचकांक लागू होने से देश की अर्थव्यवस्था के सबसे बड़े क्षेत्र की मासिक गतिविधियों का अधिक सटीक आकलन संभव होगा। इससे सरकार, उद्योग जगत और निवेशकों को आर्थिक रुझानों को समझने तथा नीतिगत निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।




