प्रमाण आधारित समाचार और समय पर जांच पर जोर, स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने का आह्वान
पत्रकार सत्ता
मुंबई। जनस्वास्थ्य से जुड़े विषयों की तथ्यपरक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने प्रमाण आधारित समाचारों की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में भारतीय प्रेस सूचना ब्यूरो पश्चिम क्षेत्र की महानिदेशक स्मिता वत्स शर्मा, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नागपुर के कार्यकारी निदेशक डॉ. प्रशांत जोशी तथा यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधियों ने जनस्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाने पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महानिदेशक स्मिता वत्स शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी समाचारों का प्रकाशन वैज्ञानिक तथ्यों और प्रमाणित आंकड़ों के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गलत या अपुष्ट जानकारी से समाज में भ्रम फैल सकता है, इसलिए मीडिया की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नागपुर के कार्यकारी निदेशक डॉ. प्रशांत जोशी ने कहा कि किसी भी बीमारी की समय रहते पहचान, नियमित उपचार और सुदृढ़ जनस्वास्थ्य व्यवस्था से रोगों की रोकथाम और मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभिन्न संस्थाओं के समन्वय पर भी जोर दिया।
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यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधियों ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किए बिना सतत विकास के लक्ष्य हासिल नहीं किए जा सकते। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने में मीडिया की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
विशेषज्ञों ने कहा कि आज के डिजिटल युग में स्वास्थ्य संबंधी भ्रामक सूचनाओं की चुनौती तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में प्रमाण आधारित रिपोर्टिंग, समय पर जांच और मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र ही नागरिकों के स्वास्थ्य की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।




