निर्भय सक्सेना। पत्रकार सत्ता
बरेली। मानव सेवा क्लब की ओर से काकोरी कांड की 101वीं बरसी पर ‘एक दीप शहीदों के नाम’ श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। डी.डी. पुरम स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में मोमबत्तियां और दीप प्रज्ज्वलित कर काकोरी कांड के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में क्लब के अध्यक्ष सुरेंद्र बीनू सिन्हा ने कहा कि काकोरी कांड इतना बड़ा अपराध नहीं था कि उसके अभियुक्तों को फांसी दी जाती। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों और तत्कालीन बड़े नेताओं की उदासीनता के कारण क्रांतिकारियों को फांसी की सजा का दंश झेलना पड़ा।
साहित्य भूषण सुरेश बाबू मिश्रा ने कहा कि रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और रोशन सिंह बेहद पराक्रमी और बहादुर क्रांतिकारी थे। उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिला दी थीं। अंग्रेज इन क्रांतिकारियों से भयभीत थे और उनके खिलाफ गंभीर धाराएं लगाकर उन्हें फांसी दे दी गई।
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मुख्य अतिथि कर्नल पंकज अग्रवाल ने कहा कि काकोरी कांड को 101 वर्ष बीत जाने के बाद भी देशवासी उसके शहीदों को याद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को इन क्रांतिकारियों के साहस और देशभक्ति से प्रेरणा लेनी चाहिए।
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कार्यक्रम में संरक्षक इं. के.बी. अग्रवाल, प्रदीप माधवार, राजेश सक्सेना, नरेश मलिक, अनिल सक्सेना, सीए राजेन विद्यार्थी, सत्येंद्र सक्सेना, जितेंद्र सक्सेना, सुनील कुमार शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार निर्भय सक्सेना, सुधीर मोहन, मीरा मोहन, अभय भटनागर, मीना भटनागर, मंजू लता, गंगा राम पाल, इं. ए.एल. गुप्ता, आर.एन. मेहरोत्रा सहित अनेक लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
रिपोर्ट : वरिष्ठ पत्रकार निर्भय सक्सेना
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