राहुल गांधी बोले- दर्द और डेटा युवाओं का, दौलत किसी और की; छात्रों ने कहा- कब तक आंदोलन करते रहें
सनी विश्राम सिंह। पत्रकार सत्ता
प्रयागराज। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रयागराज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं और छात्रों से सीधे संवाद किया। उन्होंने कहा कि वह युवाओं से आज दर्द, डेटा और दौलत के मुद्दे पर बात करने आए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं को ऐसे सुनहरे भविष्य के सपने में उलझाया जा रहा है, जिसमें उन्हें वर्तमान की समस्याओं से दूर रखा जा रहा है।
राहुल गांधी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के मुद्दे पर कहा कि एआई युवाओं के डेटा के बिना कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि युवा जो डेटा तैयार करते हैं, उसी के आधार पर एआई आगे बढ़ता है। इसलिए डेटा पर युवाओं का अधिकार और उसकी भूमिका को समझना जरूरी है।

छात्रों को मंच पर बुलाकर जाना शिक्षा व्यवस्था का हाल
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कई छात्रों को मंच पर बुलाया और उनसे शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा, परिणाम, पेपर लीक और रोजगार को लेकर उनकी राय पूछी। छात्रों ने अपनी समस्याएं साझा करते हुए कहा कि चुनाव का परिणाम कुछ महीनों में आ जाता है, लेकिन उनकी परीक्षाओं के परिणाम आने में वर्षों लग जाते हैं।
छात्रों ने उत्तर प्रदेश में पेपर लीक की घटनाओं का मुद्दा भी उठाया। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से पेपर लीक के मामले लगातार बढ़े हैं। छात्रों ने राहुल गांधी का आभार जताते हुए कहा कि वह लगातार युवाओं की आवाज उठाते रहे हैं।
‘मेड इन इंडिया’ को लेकर राहुल का सरकार पर निशाना
राहुल गांधी ने विनिर्माण क्षेत्र को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज दुनिया में ‘मेड इन चाइना’, ‘मेड इन बांग्लादेश’ और ‘मेड इन वियतनाम’ दिखाई देता है, लेकिन ‘मेड इन इंडिया’ अपेक्षित स्तर पर दिखाई नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों ने देश में विनिर्माण के रास्ते बंद कर दिए हैं।
उन्होंने स्टार्टअप और कारोबार के क्षेत्र का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि युवाओं और छात्रों को कारोबार शुरू करने के लिए बैंक से आसानी से कर्ज नहीं मिलता, जबकि बड़े उद्योगपतियों को भारी मात्रा में कर्ज उपलब्ध कराया जाता है।

सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर भी सवाल
राहुल गांधी ने सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों के निजीकरण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के लिए उपलब्ध अवसरों को सीमित कर दिया है। उन्होंने बीएसएनएल जैसे संस्थानों का उदाहरण देते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने युवाओं से कहा कि सफलता के जिन रास्तों की उन्हें जरूरत है, वे आज बंद दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “दर्द आपका, डेटा आपका, लेकिन दौलत इनकी है।”
भाजपा और आरएसएस को लेकर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने भाजपा की आर्थिक स्थिति और देश की संस्थाओं को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा का बैंक बैलेंस हजारों करोड़ रुपये का है और आरोप लगाया कि विभिन्न संस्थाओं में आरएसएस से जुड़े लोगों को प्रभाव दिया जा रहा है।
उन्होंने अडानी, मोहन भागवत, अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इन लोगों ने व्यवस्था पर अपना प्रभाव कायम कर रखा है। ये आरोप राहुल गांधी के राजनीतिक वक्तव्य के तौर पर कार्यक्रम में सामने आए।

‘जंतर-मंतर ने युवाओं का डर खत्म किया’
राहुल गांधी ने छात्रों के जंतर-मंतर आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं ने वहां सरकार के डर को खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि जो काम उनके माता-पिता नहीं कर पाए, वह युवाओं ने करके दिखाया।
कार्यक्रम में छात्रों ने जंतर-मंतर पर अपने आंदोलन के अनुभव भी साझा किए। छात्रों ने कहा कि पहले उन्हें परीक्षा और जाम को लेकर आंदोलन करना पड़ा, फिर पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठानी पड़ी और अब नौकरी के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। छात्रों का सवाल था कि “क्या हम सिर्फ आंदोलन ही करते रहें?”
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी और युवाओं के बीच हुए संवाद में परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, रोजगार, कारोबार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा और देश की अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे।




