आला हजरत और भोले के जयघोष के बीच दिखी गंगा-जमुनी तहजीब, एक-दूसरे के लिए रास्ता छोड़ते दिखे श्रद्धालु
निर्भय सक्सेना। पत्रकार सत्ता
बरेली। नाथ नगरी बरेली में शनिवार को आस्था और भाईचारे की ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसने शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को एक बार फिर जीवंत कर दिया। एक ओर उर्स-ए-रजवी में शामिल होने आए लाखों जायरीनों के बीच आला हजरत की मोहब्बत में सदाएं बुलंद हो रही थीं, वहीं दूसरी ओर भगवा धारण किए कांवड़ियों के जत्थे हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के साथ शहर से गुजर रहे थे। धार्मिक आस्थाएं अलग थीं, लेकिन एक-दूसरे की भावनाओं के प्रति सम्मान और सहयोग का भाव नजर आया।
कई स्थानों पर कांवड़ियों के जत्थों के गुजरने के दौरान उर्स में शामिल जायरीनों और स्थानीय लोगों ने रास्ता खाली कर सहयोग किया। वहीं कुछ स्थानों पर पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। भारी भीड़ के बावजूद दोनों धार्मिक आयोजनों में शामिल लोगों के बीच टकराव के बजाय आपसी सम्मान और सहयोग की तस्वीर सामने आई।

उर्स के दौरान पहली बार शाकाहारी भोजन की व्यवस्था
इस बार उर्स-ए-रजवी के दौरान एक पहल भी चर्चा में रही। सावन और कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए मुस्लिम समाज की ओर से उर्स में आने वाले लोगों के लिए शाकाहारी भोजन की व्यवस्था की गई। आयोजकों की ओर से इसे दूसरे धर्म की आस्था और धार्मिक भावनाओं के सम्मान के संदेश के तौर पर देखा गया।
शनिवार को शहर के कई हिस्सों में उर्स में शामिल जायरीन और कांवड़ियों के जत्थे आसपास के मार्गों से गुजरते दिखाई दिए। दोनों ओर धार्मिक उद्घोष गूंजते रहे, लेकिन माहौल में सौहार्द और संयम बना रहा।
पुलिस ने रूट और बैरिकेडिंग से संभाली व्यवस्था
उर्स और कांवड़ यात्रा एक साथ होने के कारण पुलिस-प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती थी। पुलिस ने बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन के जरिए दोनों आयोजनों से जुड़े मार्गों को व्यवस्थित किया। श्रद्धालुओं की आवाजाही के साथ आम नागरिकों के यातायात को भी सुचारु बनाए रखने का प्रयास किया गया।
एडीजी जोन रमित शर्मा, कमिश्नर शंभू कुमार, डीआईजी अजय कुमार साहनी, डीएम अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य, एसपी सिटी मानुष पारीख और एसपी साउथ आंशिक वर्मा समेत पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
अधिकारियों ने चौकी चौराहा, पटेल चौक, बिहारीपुर, सिविल लाइंस समेत उर्स से जुड़े प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया। भीड़ का दबाव बढ़ने पर मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते रहे।
नियंत्रण कक्ष से सीसीटीवी के जरिए निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक का भी व्यापक इस्तेमाल किया गया। एडीजी, कमिश्नर और डीआईजी ने पुलिस लाइन स्थित एकीकृत नियंत्रण एवं कमान केंद्र से उर्स में आने वाले जायरीनों और कांवड़ियों के जत्थों की गतिविधियों की निगरानी की।
सीसीटीवी कैमरों की सीधी निगरानी के जरिए उन स्थानों पर विशेष नजर रखी गई, जहां भीड़ का दबाव अधिक था। कुछ स्थानों पर भीड़ बढ़ने या लोगों के ऊंचे स्थानों पर चढ़ने की सूचना मिलने पर नियंत्रण कक्ष से सार्वजनिक उद्घोषणा कर लोगों को व्यवस्थित किया गया। संबंधित स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों को भीड़ नियंत्रित करने और यातायात सुचारु कराने के निर्देश दिए गए।
यातायात व्यवस्था पर भी विशेष नजर
एसपी यातायात अकमल खान के नेतृत्व में यातायात पुलिस ने प्रमुख चौराहों और कांवड़ियों एवं जायरीनों की अधिक आवाजाही वाले मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। बैरिकेडिंग के जरिए पैदल श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया।
डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य ने पुलिस एवं प्रशासनिक टीम के साथ कई इलाकों में पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने और श्रद्धालुओं के साथ संयम एवं संवेदनशीलता से पेश आने के निर्देश दिए।

उर्स का समापन, राजनीतिक दलों ने भी चढ़ाई चादर
शनिवार को आला हजरत का कुल शरीफ संपन्न होने के साथ उर्स-ए-रजवी का समापन हुआ। इसी दौरान शहर और जिले में कांवड़ियों के जत्थों का आवागमन भी जारी रहा। लाखों लोगों की आवाजाही के बावजूद पुलिस-प्रशासन की संयुक्त रणनीति और लगातार निगरानी से दोनों बड़े धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।
उर्स के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस की ओर से भी दरगाह पर चादर चढ़ाई गई।
रिपोर्ट : वरिष्ठ पत्रकार निर्भय सक्सेना




