सावन के दूसरे सोमवार से पहले अमरनाथ यात्रा पर लगा पूर्ण विराम

अमरनाथ यात्रा 2026 में 4.80 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए।

4.80 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन, बारिश और खराब मौसम के बीच बालटाल मार्ग से ही चलती रही यात्रा

रिपोर्ट : निर्भय सक्सेना
बरेली/जम्मू। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की वार्षिक यात्रा पर सावन के दूसरे सोमवार से पहले ही विराम लग गया। भारी बारिश, खराब मौसम और यात्रा मार्ग की मरम्मत को देखते हुए 9 अगस्त से तीर्थयात्रा स्थगित कर दी गई है। इस वर्ष अब नियमित यात्रा के माध्यम से श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन नहीं कर सकेंगे। हालांकि पारंपरिक छड़ी मुबारक के साथ धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए यात्रा का समापन किया जाएगा।

इस वर्ष 3 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा में अब तक 4.80 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। आधिकारिक रूप से 2026 की यात्रा की निर्धारित अवधि 3 जुलाई से 28 अगस्त रखी गई थी, लेकिन मौसम और मार्ग की परिस्थितियों के चलते 9 अगस्त से यात्रा रोक दी गई।

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बारिश बनी सबसे बड़ी बाधा

इस बार पूरी यात्रा अवधि में मौसम ने कई बार बाधा डाली। भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका के चलते यात्रा को बीच-बीच में रोकना पड़ा। बालटाल मार्ग से मौसम में सुधार होने पर यात्रा दोबारा शुरू की गई, जबकि पहलगाम मार्ग लंबे समय तक प्रभावित रहा। जुलाई में भी खराब मौसम के कारण कई दिनों तक यात्रा स्थगित रही थी।

9 अगस्त से यात्रा रोकने के पीछे हालिया बारिश से क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत और प्रतिकूल मौसम का पूर्वानुमान प्रमुख कारण बताया गया है।

अमरनाथ यात्रा 2026 पर विराम, 4.80 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

बालटाल मार्ग बना श्रद्धालुओं का सहारा

इस वर्ष बालटाल मार्ग से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचे। लगभग 14 किलोमीटर लंबे इस मार्ग में बालटाल से डोमेल, बरारी, संगम होते हुए पवित्र गुफा तक श्रद्धालु पहुंचते हैं। लगातार बारिश के कारण यात्रा मार्ग पर कई बार मुश्किलें सामने आईं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों के चलते यात्रा को मौसम अनुकूल होने पर फिर संचालित किया गया।

बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन ने मार्ग को चौड़ा करने, रेलिंग लगाने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई स्तरों पर कार्य किया। पहाड़ी मार्ग पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थानों पर मेडिकल सुविधाएं और ऑक्सीजन की व्यवस्था भी की गई।

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हेलीकॉप्टर सेवा इस बार रही बंद

श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के अनुसार 2026 की यात्रा के दौरान पूरे यात्रा क्षेत्र को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित किया गया था। इसके चलते श्रद्धालुओं के लिए हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं रही। श्रद्धालु पैदल यात्रा के अलावा घोड़े, पालकी और अन्य निर्धारित साधनों से गुफा तक पहुंचे।

सुरक्षा का रहा कड़ा घेरा

अमरनाथ यात्रा को लेकर जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। यात्रा मार्ग पर सीसीटीवी, निगरानी तंत्र और अन्य आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। केंद्र सरकार की ओर से यात्रा की सुरक्षा के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय पर विशेष जोर दिया गया था। गृह मंत्रालय की समीक्षा बैठक में ड्रोन, सीसीटीवी और आधुनिक निगरानी प्रणालियों के इस्तेमाल के निर्देश भी दिए गए थे।

जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से लेकर बालटाल और अन्य यात्रा मार्गों तक श्रद्धालुओं की जांच, पंजीकरण और सुरक्षा व्यवस्था के कई चरण बनाए गए थे। पहचान और ट्रैकिंग के लिए तकनीकी व्यवस्था का भी इस्तेमाल किया गया।

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4.80 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

इस वर्ष अमरनाथ यात्रा में 4.80 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का बाबा बर्फानी के दर्शन करना उल्लेखनीय रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यह संख्या 2025 के लगभग 4.10 लाख श्रद्धालुओं से अधिक है। हालांकि अमरनाथ यात्रा में सर्वाधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का रिकॉर्ड वर्ष 2012 का बताया जाता है, जब करीब 6.35 लाख लोगों ने पवित्र गुफा के दर्शन किए थे।

श्रद्धालुओं की संख्या में वर्ष-दर-वर्ष उतार-चढ़ाव मौसम, सुरक्षा, यात्रा अवधि और मार्ग की परिस्थितियों पर निर्भर करता रहा है।

अमरनाथ यात्रा 2026 पर विराम, 4.80 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

यात्रा मार्ग के विकास की योजनाएं

अमरनाथ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए आने वाले वर्षों में मार्ग के विकास की योजनाओं पर भी काम चल रहा है। बालटाल क्षेत्र से आगे बेहतर संपर्क, ट्रैक चौड़ीकरण और अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। जोजिला क्षेत्र से जुड़े वैकल्पिक मार्ग और भविष्य में टनल अथवा रोपवे जैसी संभावनाओं पर भी चर्चा होती रही है।

पांचवीं बार बाबा बर्फानी के दर्शन का सौभाग्य

लेखक के लिए इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा व्यक्तिगत रूप से भी भावनात्मक रही। 20 जुलाई 2026 को बालटाल मार्ग से पांचवीं बार बाबा बर्फानी के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यात्रा के दौरान परिवार के साथ दर्शन किए गए। हालांकि पत्नी श्रीमती मधुरिमा सक्सेना के 26 जून 2026 को निधन के कारण इस बार यात्रा के दौरान मन में गहरी उदासी भी रही।

वर्ष 2025 में भी अमरनाथ यात्रा के दौरान खराब मौसम और भूस्खलन के कारण पवित्र गुफा तक पहुंचना संभव नहीं हो सका था। इस वर्ष बाबा बर्फानी के दर्शन का अवसर प्राप्त होने को लेखक ने विशेष सौभाग्य माना।

बरेली के पत्रकारों ने भी किए दर्शन

उपजा प्रेस क्लब के साथी पुत्तन सक्सेना, अशोक शर्मा, ठाकुर शुभम सिंह, सुयोग्य सिंह, महेश पटेल, अशोक कुमार लोटा सहित कई लोगों ने भी जुलाई 2026 में बाबा बर्फानी के दर्शन किए। यात्रा से लौटने के बाद 31 जुलाई को सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर पर भोजन पैकेट वितरण किया गया।

मानव सेवा क्लब, बरेली तथा अखिल भारतीय साहित्य परिषद, ब्रज प्रांत, बरेली की ओर से पांचवीं बार अमरनाथ यात्रा कर लौटे पत्रकार निर्भय सक्सेना का सारस्वत सम्मान भी किया गया।

आस्था के साथ लौटी यादें

अमरनाथ यात्रा के दौरान ‘बम-बम भोले’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से पूरा मार्ग गूंजता रहा। कठिन पहाड़ी रास्तों, बारिश और मौसम की चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह बना रहा। बाबा बर्फानी के दर्शन के बाद श्रद्धालु स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हुए अपने घरों को लौटे।

अब 9 अगस्त से नियमित यात्रा पर विराम लग चुका है। छड़ी मुबारक की परंपरा के साथ धार्मिक यात्रा का समापन होगा। श्रद्धालुओं की नजर अब अगले वर्ष होने वाली अमरनाथ यात्रा पर है।

रिपोर्ट : वरिष्ठ पत्रकार निर्भय सक्सेना

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