लखनऊ, (पत्रकार सत्ता ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों द्वारा मानव संपदा (Human Sampada) पोर्टल पर अपनी चल एवं अचल संपत्ति का विवरण दर्ज न करने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल द्वारा 19 जून 2026 को जारी शासनादेश में सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों तथा विभागीय अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
शासनादेश में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम-24 के तहत सभी राज्य कर्मचारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य किया गया था। इसके लिए पहले 31 जनवरी 2026 तक समय दिया गया था तथा बाद में 10 मार्च 2026 तक अंतिम अवसर भी उपलब्ध कराया गया। इसके बावजूद हजारों कर्मचारियों द्वारा निर्धारित समय सीमा तक विवरण अपलोड नहीं किया गया।
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सरकार के अनुसार एनआईसी से प्राप्त आंकड़ों में यह सामने आया कि 31 जनवरी 2026 तक 47,816 कर्मचारियों ने पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज नहीं किया था। इस कारण शासन ने पहले अतिरिक्त समय दिया था, लेकिन उसके बाद भी अनुपालन न होने पर अब कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इन कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई
शासनादेश के अनुसार जिन कर्मचारियों ने निर्धारित समय तक संपत्ति का विवरण दर्ज नहीं किया है, उनके विरुद्ध निम्न कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी—
- विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई।
- वर्तमान चयन वर्ष में पदोन्नति पर विचार नहीं किया जाएगा।
- पात्र होने पर भी इस वर्ष ACP (Assured Career Progression) का लाभ नहीं मिलेगा।
- विदेश यात्रा, प्रतिनियुक्ति आदि के लिए Vigilance Clearance जारी नहीं की जाएगी।
- आहरण एवं वितरण अधिकारियों की भी तय होगी जिम्मेदारी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि संपत्ति विवरण अपलोड न करने वाले कर्मचारियों का जनवरी 2026 का वेतन नियमों के विपरीत आहरित किया गया है तो संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त विभागाध्यक्ष तथा संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव अथवा सचिव को भी निर्देशों के अनुपालन की जिम्मेदारी दी गई है।
वेतन भुगतान को लेकर भी निर्देश
शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन कर्मचारियों का जनवरी एवं फरवरी 2026 का वेतन केवल संपत्ति विवरण न भरने के कारण रुका हुआ है, उनके विरुद्ध आवश्यक विभागीय कार्रवाई करते हुए शासन के पूर्व आदेशों के अनुरूप तत्काल प्रभाव से वेतन भुगतान की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि शासनादेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा आवश्यक कार्रवाई में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।




