लखनऊ, (पत्रकार सत्ता )। सिंचाई विभाग के शारदा नहर खंड-2, लखनऊ ने हैदर कैनाल बांध के स्लोप पर स्थित विभागीय राजकीय भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। इस संबंध में 18 जून 2026 को सहायक अभियंता-द्वितीय की ओर से एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया है, जिसमें स्थानीय लोगों द्वारा विभागीय भूमि पर किए गए कथित अवैध कब्जों को हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई का उल्लेख किया गया है।
विभागीय पत्र के अनुसार, सूचना मिलने पर पुलिस बल एवं विभागीय राजस्व टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान वहां बनी झुग्गी-झोपड़ियों एवं अन्य अवैध निर्माणों का चिन्हांकन किया गया तथा संबंधित व्यक्तियों को नोटिस चस्पा कर निर्धारित समय सीमा के भीतर भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए।
10 दिन के भीतर भूमि खाली करने के निर्देश
विभाग ने सार्वजनिक रूप से चस्पा किए गए नोटिस में कहा है कि विभागीय भूमि पर किया गया कब्जा कैनाल एक्ट, 1873 की धारा-70 के अंतर्गत दंडनीय माना जाता है। नोटिस में संबंधित लोगों को 7 दिन के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटाकर भूमि खाली करने की चेतावनी दी गई है। ऐसा न करने पर विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया जाएगा तथा उसका व्यय संबंधित कब्जाधारक से वसूला जा सकता है।
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विभागीय पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि झुग्गी-झोपड़ियों एवं अवैध कब्जों को हटाने के लिए 10 दिन के भीतर स्थल खाली करने की सूचना भी दी गई है। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को लेकर स्पष्टीकरण
सहायक अभियंता-द्वितीय द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि कार्यस्थल पर केंद्र सरकार की आवासीय योजना के अंतर्गत बने आवासों पर सिंचाई विभाग द्वारा कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है। विभाग के अनुसार, नोटिस केवल विभागीय भूमि पर बने कथित अवैध कब्जों एवं झुग्गी-झोपड़ियों को हटाने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं।
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पत्र में यह भी कहा गया है कि कुछ स्थानीय लोगों द्वारा नोटिस को लेकर आपत्ति व्यक्त किए जाने के कारण जनसामान्य को जानकारी देने हेतु नोटिस सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किए गए, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे।
विभाग ने कही यह बात
सिंचाई विभाग के अनुसार, कार्रवाई का उद्देश्य विभागीय राजकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना तथा भविष्य में अवैध कब्जों को रोकना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में नियमानुसार आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।




