लखनऊ, (पत्रकार सत्ता ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश शासन ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में न्यायमूर्तियों को बेहतर चिकित्सीय एवं फिजियोथेरेपी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष कार्याधिकारी (फिजियोथेरेपिस्ट) के एक निःसंवर्गीय (Ex-Cadre) पद के सृजन को मंजूरी प्रदान कर दी है। शासनादेश के अनुसार यह पद लेवल-8 (₹47,600–1,51,100) वेतनमान में स्वीकृत किया गया है तथा यह कार्यभार ग्रहण करने की तिथि अथवा पद भरे जाने की तिथि से 28 फरवरी 2027 तक प्रभावी रहेगा।
शासन के अनुसार इस पद पर नियुक्ति के लिए बैचलर डिग्री इन फिजियोथेरेपी (BPT) तथा कम से कम तीन वर्ष का अनुभव अनिवार्य होगा। न्यायमूर्तियों को कार्य के दौरान होने वाली कमर दर्द (Backache), सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, जोड़ों के दर्द तथा अन्य शारीरिक समस्याओं के उपचार और फिजियोथेरेपी सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पद सृजित किया गया है।
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शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि यह पद अस्थायी प्रकृति का होगा और इसे स्थायी नहीं किया जाएगा। इस पद पर होने वाला व्यय वित्तीय वर्ष 2026-27 के न्याय प्रशासन मद से वहन किया जाएगा। यह आदेश वित्त विभाग की सहमति के उपरांत जारी किया गया है।




