पत्रकार सत्ता। डिजिटल डेस्क
महोबा। जिले के रैपुरा गांव के पास बदहाल सड़क और जलभराव की समस्या को लेकर स्कूली छात्र-छात्राओं के हाइवे पर प्रदर्शन का मामला सामने आया है। बरसते पानी के बीच सड़क पर उतरे विद्यार्थियों ने रास्ते की बदहाली के खिलाफ आवाज उठाई। इस मामले को लेकर आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस के कथित व्यवहार पर सवाल उठाते हुए छात्रों का समर्थन किया है।
चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे Zen-Alpha छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस ने बदसलूकी की और उन्हें हड़काया गया। उन्होंने इसे चिंताजनक और शर्मनाक बताते हुए कहा कि बच्चे अपनी जायज मांग को लेकर सड़क पर उतरे थे।
यह भी देखें- 2027 की तैयारी में BSP का सर्वसमाज पर फोकस, सतीश चंद्र मिश्र को अहम जिम्मेदारी
गड्ढों और जलभराव से परेशान छात्र
आजाद के मुताबिक, रैपुरा, मझलवारा, बनियातला और महानपुरा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग गड्ढों और जलभराव से बदहाल है। बरसात के दौरान सड़क पर कीचड़ और पानी भर जाने से स्कूली बच्चों समेत राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने दावा किया कि इस मार्ग पर आए दिन ई-रिक्शा और ऑटो पलटने की घटनाएं होती हैं, जिससे स्कूली बच्चे भी चोटिल हो रहे हैं। इसी समस्या के समाधान की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने हाइवे पर प्रदर्शन किया।
इसे भी पढ़ें- जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा दखल, छात्रों की FIR पर राहत के संकेत
‘बच्चे सड़क मांग रहे हैं, बदसलूकी नहीं’
चंद्रशेखर आजाद ने प्रशासन से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि बच्चों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्या सुनी जानी चाहिए।
उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, “बच्चे सड़क मांग रहे हैं, बदसलूकी नहीं।” साथ ही छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए उनकी आवाज बुलंद रहने की बात कही।
यह भी देखें- सीता माता पर टिप्पणी करते ही महिला नेता से भिड़े पन्नालाल शाक्य, ‘मौत का सामान’ वाले बयान पर मचा बवाल
सड़क की बदहाली पर अब प्रशासन से जवाब की उम्मीद
मामला सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन के सामने सड़क की स्थिति सुधारने और जलभराव की समस्या के समाधान की चुनौती है। वहीं, पुलिस पर लगाए गए बदसलूकी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासन और पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।
इसे भी पढ़ें- राजधानी एक्सप्रेस के सामने आया हाथियों का झुंड, फिर थम गई ट्रेन
छात्रों का प्रदर्शन एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि स्कूल जाने वाले बच्चों को सुरक्षित और बेहतर सड़क उपलब्ध कराना आखिर किसकी जिम्मेदारी है।




