कोरोना काल में सेवा देने वाले कर्मचारियों के समर्थन में यूपी कांग्रेस का हमला, वायरल वीडियो में ड्राइवर ने सुनाया दर्द
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों की नौकरी का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। यूपी कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए प्रदेश सरकार पर कोरोना काल में सेवा देने वाले एंबुलेंस कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप लगाया है।
कांग्रेस के मुताबिक, कोरोना संक्रमण के दौरान जब लोग संक्रमितों के करीब जाने से भी डर रहे थे, उस समय एंबुलेंस चालक और कर्मचारी मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में जुटे थे। पार्टी ने दावा किया कि ऐसे करीब 9,000 कर्मचारियों के रोजगार का संकट पैदा हुआ है।
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कांग्रेस की ओर से जारी वीडियो में एक एंबुलेंस चालक अपनी नौकरी जाने का दर्द बयां करते हुए नजर आ रहा है। वीडियो के साथ कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि कोरोना के समय इन कर्मचारियों को ‘कोरोना वॉरियर’ कहा गया, लेकिन अब उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा है।
मामला नया नहीं, 2021-22 में भी हुआ था विवाद
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक 108/102 एंबुलेंस कर्मचारियों का रोजगार विवाद वर्ष 2021-22 में भी सामने आया था। कर्मचारी संगठनों ने उस समय करीब 9,000 कर्मचारियों को हटाए जाने का दावा करते हुए आंदोलन किया था। विवाद नए सेवा प्रदाता को ठेका दिए जाने के बाद कर्मचारियों की सेवा निरंतरता को लेकर था।
वहीं, उत्तर प्रदेश की आधिकारिक स्वास्थ्य मिशन वेबसाइट पर 108 और 102 एंबुलेंस सेवा के लिए अलग EMTS Cell और भर्ती प्रक्रिया से संबंधित जानकारी उपलब्ध है।
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ऐसे में कांग्रेस के ताजा आरोपों के बीच यह सवाल फिर उठ रहा है कि कोरोना काल में सेवा देने वाले पुराने कर्मचारियों के रोजगार और सेवा निरंतरता को लेकर सरकार की वर्तमान नीति क्या है।
हालांकि, 5 सितंबर 2026 तक उपलब्ध विश्वसनीय स्रोतों में 9,000 कर्मचारियों की मौजूदा स्थिति पर कोई नया आधिकारिक सरकारी बयान नहीं मिला है। इसलिए इस संख्या और वर्तमान नौकरी स्थिति को कांग्रेस के दावे के रूप में ही प्रकाशित करना उचित होगा।




