बारिश के मौसम में त्वचा की देखभाल: नमी से बचें, त्वचा को रखें साफ और सूखा

लेखक- डॉ. अजय शर्मा, स्वतंत्र लेखक एवं लोकतंत्र सेनानी कल्याण मंच के अध्यक्ष हैं।

लेख : डॉ अजय शर्मा

बारिश के मौसम में पर्यावरण में नमी और उमस के कारण आपके शरीर में बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनप सकते हैं। इसकी वजह से आपको   दाद, खाज, खुजली (रिंगवर्म), एथलीट फुट और एक्जिमा जैसी त्वचा संबंधी रोग  हो सकते हैं। इनसे बचने के लिए आपको अपने शरीर की त्वचा को साफ और सूखा रखना, सूती और ढीले कपड़े पहनना और बारिश में भीगने पर तुरंत शरीर को साफ करके सुखाना बहुत जरूरी हो जाता  है।
बारिश के मौसम में आप अपने शरीर की  त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए ये उपाय अपनायें-

  • नहाने के बाद या बारिश में भीगने के बाद शरीर को सुनायें, खास करके  शरीर के विशेष हिस्सों (जैसे बगल, जांघों के बीच और उंगलियों के बीच) को अच्छी तरह पोंछकर सुखाएं।
  •  बरसात के मौसम में सिंथेटिक कपड़ों के बजाय हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें ताकि हवा का प्रवाह शरीर के सभी हिस्सों में लगातार बना रहे और नमी व पसीना न पनपने पाये।
  • कभी भी गीले अंतःवस्त्र( अंडर गारमेंट्स) और गीले जूते-मोजे न पहनें। पैरों को लंबे समय तक गीला न रखें और मोजे समय-समय पर बदलते रहें।
  • आपके शरीर के किसी भी हिस्से पर खुजली या रैशेस होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से स्टेरॉयड युक्त क्रीम (जैसे क्लोबेटासोल) आदि का इस्तेमाल न करें।

गर्मी और बरसात के मौसम में वॉटर बेस्ड मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि गर्मियों और बरसात के मौसम में चिपचिपाहट शुरू हो जाती है। इसलिए इस मौसम में आपको ऑयल बेस्ड मॉइश्चराइजर की जगह वॉटर बेस्ड मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।

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आप लोगों में  से कई  लोग रुखी त्वचा के शिकार  होते  हैं। ऐसे में  आपको विशेष सावधानी रखनी चाहिए।  त्वचा के रूखे होने का सबसे प्रमुख कारणों में से एक जेनेटिक कारण हो सकता है। आप में  से किसी-किसी की त्वचा जेनेटिकली रूखी होती है। दूसरा कारण कुछ बाहरी(एक्सटर्नल) पदार्थ का प्रयोग किया जाना हो सकता है।  तीसरा कारण पर्यावरण का प्रभाव हो सकता है जैसे बरसात के दिनों में सर्दी का होना, ठंडी हवा, आग के आसपास ज्यादा समय बिताने पर, गर्म पानी से ज्यादा देर नहाने पर त्वचा का रूखापन होता है। चौथा कारण केमिकल वाले साबुन या डिटर्जेंट का इस्तेमाल करने से ड्राईनेस होती है। अन्य कारणों में एक्जिमा, सोरायसिस जैसी समस्या के कारण, उम्र बढ़ने के कारण, क्लोरीन वाले पानी में ज्यादा तैरने से त्वचा रुखी होती है।

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त्वचा (स्किन) की देखभाल करने के लिए आपको हिमालया कंपनी की हिमालया एंटीसेप्टिक क्रीम,  हिमालया एक्टारिल सोप, हिमालया नीम टैबलेट, हिमालया टैलेक्ट, हिमालया प्यूरीफाइंग नीम फेस वॉश का उपयोग अपने डाॅक्टर की सलाह से कर सकते हैं।  इसके अलावा बैद्यनाथ कंपनी की दवाओं में  से आंतरिक शुद्धि और संक्रमण रोकने के लिए बैद्यनाथ गंधक रसायन, बैद्यनाथ खादिरारिष्ट, हरिद्रा खंड, सारिवाद्यारिष्ट प्रमुखतः उपयोगी सिद्ध होती हैं।  और र बाहरी इस्तेमाल के लिए आप बैद्यनाथ डडुरिन लोशन, चमरोबारी ऑइंटमेंट का प्रयोग कर सकते हैं।

डॉ. अजय शर्मा अध्यक्ष, लोकतंत्र सेनानी कल्याण मंच बी-1541, इंदिरा नगर, लखनऊ
लेखक- डॉ. अजय शर्मा, स्वतंत्र लेखक एवं लोकतंत्र सेनानी कल्याण मंच के अध्यक्ष हैं।

*यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी बीमारी के उपचार या दवा के विकल्प के रूप में इसे न लें। त्वचा संबंधी समस्या होने पर योग्य चिकित्सक/त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श करें।

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