संसद में राम मंदिर चढ़ावा और पेपर लीक का मुद्दा उठाएगी कांग्रेस : प्रमोद तिवारी

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राज्यसभा सांसद ने सरकार पर लगाए कई गंभीर आरोप, संसद सत्र में जवाब मांगेगा विपक्ष

शबीह हैदर
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में उप नेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी ने कहा है कि सोमवार से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में विपक्ष अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, महंगाई, मणिपुर की स्थिति और किसानों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर जनभावनाओं और युवाओं के भविष्य की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

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प्रमोद तिवारी ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता के मामले ने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को आहत किया है। उन्होंने कहा कि यदि चढ़ावे के धन के दुरुपयोग के आरोप सही हैं तो इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास से जुड़ा विषय है।

प्रतियोगी परीक्षाओं का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि नीट सहित विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में सरकार प्रभावी रोक लगाने में विफल रही है। तिवारी ने कहा कि विपक्ष संसद में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, जवाबदेही और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा का मुद्दा उठाएगा।

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उन्होंने पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस संबंध में उपभोक्ताओं और वाहन मालिकों की चिंताओं का समाधान किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने मणिपुर की स्थिति, किसानों के सामने खड़ी चुनौतियों, महंगाई और बेरोजगारी को भी संसद में उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों में शामिल बताया।

प्रमोद तिवारी ने यह भी कहा कि हनुमानगढ़ी से जुड़े कुछ दावों को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर भ्रम फैलाया जा रहा है। उनका कहना है कि इस प्रकार की भ्रामक सूचनाओं से बचना चाहिए और तथ्यों के आधार पर ही सार्वजनिक चर्चा होनी चाहिए।

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कांग्रेस नेता के इन आरोपों पर समाचार लिखे जाने तक भारतीय जनता पार्टी अथवा केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। संसद सत्र के दौरान इन मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है।

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