विपक्ष को दबाने का आरोप, महंगाई और आपातकाल पर मोदी सरकार को घेरा
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता एवं सांसद प्रमोद तिवारी ने बढ़ती महंगाई, आर्थिक नीतियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और आम जनता पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि हाल के महंगाई संबंधी आंकड़े बताते हैं कि आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ा है और ग्रामीण क्षेत्रों में इसका प्रभाव अधिक दिखाई दे रहा है।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशों में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हैं, लेकिन देश के भीतर महंगाई और रोजगार जैसे मुद्दों पर जनता कठिनाइयों का सामना कर रही है। कांग्रेस नेता ने सरकार की आर्थिक नीतियों की समीक्षा करने और महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
आपातकाल को लेकर भारतीय जनता पार्टी सांसद निशिकांत दुबे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रमोद तिवारी ने कहा कि वर्तमान समय में विपक्षी नेताओं और सरकार की आलोचना करने वालों के विरुद्ध जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के आरोप लगातार सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता को लेकर भी देश में बहस चल रही है।
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प्रमोद तिवारी ने कहा कि यदि सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है तो उसे आलोचनाओं का जवाब तथ्यों के आधार पर देना चाहिए। उन्होंने मीडिया की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
समाचार लिखे जाने तक भारतीय जनता पार्टी या केंद्र सरकार की ओर से प्रमोद तिवारी के इन आरोपों पर कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। इससे पहले केंद्र सरकार कई अवसरों पर महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए उठाए गए कदमों और भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का दावा करती रही है। वहीं सरकार जांच एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोपों को भी निराधार बताती रही है।




