पत्रकार सत्ता | उन्नाव ब्यूरो
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के गिरिजाबाग की रहने वाली स्नातक छात्रा रश्मि सविता को कथित ₹20.98 करोड़ के लेनदेन के संबंध में आयकर विभाग का समन मिलने का मामला चर्चा में है। छात्रा और उसके परिवार का आरोप है कि उनके आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर दिल्ली में एक फर्जी फर्म संचालित की गई, जबकि उनका उससे कोई संबंध नहीं है।
रश्मि सविता के अनुसार उन्हें आयकर विभाग की ओर से आयकर अधिनियम की धारा 131(1A) के तहत नोटिस मिला। जांच में सामने आया कि दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र में ‘आरएस एंटरप्राइजेज’ नाम से एक फर्म उनके दस्तावेजों के आधार पर पंजीकृत की गई थी। परिवार का कहना है कि रश्मि के पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और उन्होंने कभी कोई व्यवसाय नहीं किया।
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छात्रा ने आयकर विभाग को अपना जवाब भेज दिया है और जन शिकायत पोर्टल के साथ पुलिस से भी पहचान संबंधी दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग की जांच की मांग की है।
इस बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने इस मामले को सोशल मीडिया मंच एक्स पर उठाते हुए आरोप लगाया कि गरीब परिवार को करोड़ों रुपये के लेनदेन का समन भेजकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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मामले का वीडियो भी कई समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहा है। हालांकि आयकर विभाग की ओर से अभी तक इस मामले पर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।




