चंद्रशेखर आजाद और स्वामी प्रसाद मौर्य ने नीट पेपर लीक पर सरकार को घेरा

चंद्रशेखर आजाद और स्वामी प्रसाद मौर्य ने नीट पेपर लीक पर सरकार को घेरा

ईको गार्डन में छात्रों की जनसभा, निष्पक्ष जांच और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग

लखनऊ। पत्रकार सत्ता
राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में शनिवार को नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में छात्रों की विशाल जनसभा और प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद तथा पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य प्रमुख रूप से शामिल हुए। दोनों नेताओं ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

सभा को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक होने से लाखों युवाओं की मेहनत पर पानी फिर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज सुननी होगी और ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे। उन्होंने कहा कि छात्र न्याय की मांग कर रहे हैं और लोकतांत्रिक तरीके से किए जा रहे इस आंदोलन का समर्थन जारी रहेगा।

ईको गार्डन में छात्रों की जनसभा, निष्पक्ष जांच और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग
ईको गार्डन में छात्रों की जनसभा, निष्पक्ष जांच और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग।

पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक मामलों की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कठोर दंड दिया जाए। मौर्य ने कहा कि सरकार को छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करना चाहिए और भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

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जनसभा में बड़ी संख्या में छात्र और युवा विभिन्न जिलों से पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लागू करने तथा प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग उठाई गई। प्रदर्शन को देखते हुए ईको गार्डन और आसपास के क्षेत्र में पुलिस एवं पीएसी की अतिरिक्त तैनाती की गई थी, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए थे।

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इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्षी दलों ने इसे छात्रों के आंदोलन की जीत बताया है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से परीक्षा सुधार और पेपर लीक रोकने के लिए पहले भी कई कदम उठाए जाने की बात कही गई है। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जवाबदेही तय की जाए और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।

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