देहरादून/टिहरी | पत्रकार सत्ता ब्यूरो
Chandrashekhar Azad ने रविवार को आरोप लगाया कि Uttarakhand के Tehri Garhwal जिले के देवल गांव में दलित युवक केतन लाल हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जाते समय पुलिस ने उन्हें रोक दिया और उनके साथ धक्का-मुक्की की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है, जिसमें पुलिस और उनके समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक दिखाई दे रही है।
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि एक निर्वाचित सांसद को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना और उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया जाना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों को भी पीड़ितों के साथ खड़े होने से रोका जाएगा, तो आम नागरिक की सुरक्षा और न्याय की उम्मीद पर सवाल खड़े होंगे।
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यह मामला 18 वर्षीय दलित युवक केतन लाल की हत्या से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, केतन लाल की कथित तौर पर एक नाबालिग युवती से मित्रता को लेकर मारपीट की गई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। इस मामले में हत्या और SC/ST (Prevention of Atrocities) Act की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है तथा अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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फिलहाल पुलिस की ओर से सांसद चंद्रशेखर आजाद के साथ हुई कथित धक्का-मुक्की या उन्हें रोके जाने के संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है।




