सावन के तीसरे सोमवार से पहले बदायूं रोड पर बीडीए ने लगाया सेवा एवं विश्राम शिविर
निर्भय सक्सेना। पत्रकार सत्ता
बरेली। सावन के तीसरे सोमवार की पूर्व बेला पर बरेली विकास प्राधिकरण की ओर से बदायूं रोड पर कांवड़ यात्रियों के लिए सेवा एवं विश्राम शिविर लगाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप आयोजित इस शिविर में शिवभक्तों की सेवा, सुविधा और सम्मान के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की गईं।
शिविर में उत्तर प्रदेश के वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, बरेली सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, बिथरी चैनपुर विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, बरेली कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, महापौर उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधान परिषद सदस्य कुंवर महाराज सिंह, मंडलायुक्त शंभू कुमार, जिलाधिकारी अविनाश सिंह सहित जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे तथा कांवड़ियों की सेवा में शामिल हुए।

बीडीए की ओर से शिवभक्तों के लिए भंडारे और भोजन की व्यवस्था की गई। विशाल जर्मन हैंगर में आरामदायक विश्राम स्थल, विशेष चिकित्सा शिविर और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई। कांवड़ यात्रियों का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया और उन्हें विशेष टी-शर्ट भी वितरित की गईं।
शिविर में केदारनाथ, बद्रीनाथ और रामेश्वरम सहित प्रमुख तीर्थस्थलों की थीम पर आकर्षक सेल्फी प्वाइंट भी बनाए गए। पुष्पवर्षा और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से पूरा परिसर भक्तिमय नजर आया। सेल्फी प्वाइंट और अन्य आकर्षण कांवड़ यात्रियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
सेवा और सम्मान हमारा सौभाग्य : सौम्या पांडेय
बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से प्रेरित होकर बरेली में पहली बार इस तरह के कांवड़ सेवा शिविर की पहल की गई है। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी केवल शहर के भौतिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि जनसुविधा, संवेदनशील प्रशासन और सामाजिक दायित्व भी उसके महत्वपूर्ण हिस्से हैं।

उन्होंने कहा कि कांवड़ शिवभक्त कठिन यात्रा करते हुए भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हैं। उनकी सेवा और सम्मान करना सौभाग्य की बात है। प्रयास है कि बरेली से गुजरने वाला प्रत्येक शिवभक्त यहां से सुविधा, सम्मान और सुखद स्मृति लेकर आगे बढ़े।
शिविर का जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने बीडीए की पहल की सराहना करते हुए इसे जनोन्मुखी कार्यशैली, नवाचार और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
रिपोर्ट : वरिष्ठ पत्रकार निर्भय सक्सेना, बरेली




