मानसून सत्र से पहले कार्रवाई पर जताई आपत्ति, परीक्षा प्रणाली और छात्रों के भरोसे का मुद्दा उठाया
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस सांसद डॉ. सैयद नसीर हुसैन ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
डॉ. नसीर हुसैन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने बयान में कहा कि सोनम वांगचुक देश के उन लाखों छात्रों की आवाज उठा रहे हैं जिनका राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली पर भरोसा लगातार कमजोर हुआ है। उन्होंने दावा किया कि नीट, यूजीसी-नेट और अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं ने शिक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं।
इसे भी देखें- सर्वदलीय बैठक से विपक्ष का वॉकआउट महुआ मोइत्रा ने सरकार पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार करने के बजाय केंद्र सरकार ने मानसून सत्र से पहले सोनम वांगचुक को बलपूर्वक हटाने की कार्रवाई की। उन्होंने यह भी कहा कि इसी दौरान केंद्र सरकार वीबीएसए विधेयक को आगे बढ़ा रही है, जिसे कांग्रेस शिक्षा व्यवस्था के अधिक केंद्रीकरण की दिशा में कदम मानती है।
नसीर हुसैन ने सवाल उठाया कि यदि छात्र अपनी मांगों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की बात करते हैं तो लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी आवाज को किस प्रकार सुना जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार संवैधानिक मूल्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है और सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
इसे भी जानें- जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई के विरोध में अखिलेश यादव सरकार पर हमलावर
उधर केंद्र सरकार पहले भी परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की बात कह चुकी है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं की जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक डॉ. नसीर हुसैन के ताजा आरोपों पर केंद्र सरकार की ओर से कोई अलग आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
मानसून सत्र के दौरान पेपर लीक, परीक्षा सुधार, शिक्षा व्यवस्था और विरोध प्रदर्शनों का मुद्दा संसद में प्रमुख राजनीतिक विषयों में शामिल रहने की संभावना है।
संपादकीय टिप्पणी: यह समाचार डॉ. सैयद नसीर हुसैन द्वारा सोशल मीडिया पर जारी सार्वजनिक बयान पर आधारित है। इसमें सरकार और शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगाए गए आरोप कांग्रेस के हैं। समाचार लिखे जाने तक इन आरोपों पर केंद्र सरकार की ओर से अलग से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।




