जिला पंचायत सदस्य निहाल अहमद ने जनहित में शासन को भेजी शिकायत,
ज़मीर हैदर। पत्रकार सत्ता
लखनऊ। राजधानी में पशुपालकों के लिए चारों दिशाओं में आधुनिक कैटल कॉलोनी विकसित किए जाने की मांग उठाई गई है। जिला पंचायत एवं जिला योजना समिति लखनऊ के सदस्य निहाल अहमद ने जनहित में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराते हुए पशुपालकों और आम नागरिकों की समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि लखनऊ महानगर की आबादी 35 लाख से अधिक हो चुकी है, जबकि आम नागरिकों के लिए शुद्ध दूध, दही और घी उपलब्ध होना मुश्किल होता जा रहा है। दूसरी ओर, वर्षों से शहर में डेयरी चला रहे पशुपालकों के सामने भी जगह और व्यवस्थाओं की समस्या बनी हुई है। शिकायत के अनुसार शहर के भीतर पशु रखने पर चालान और नीलामी-बेदखली जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, जबकि शहर से 25 से 30 किलोमीटर दूर जाने पर दूध की सप्लाई चेन प्रभावित होती है और लागत बढ़ जाती है।
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चार जोन में भूमि चिन्हित करने की मांग
निहाल अहमद ने लखनऊ के चारों जोन में कैटल कॉलोनी के लिए भूमि चिन्हित करने की मांग की है। प्रस्ताव के अनुसार पूर्वी लखनऊ में चिनहट-देवा रोड-कुर्सी रोड, पश्चिमी लखनऊ में मोहन रोड-हरदोई रोड, उत्तरी लखनऊ में सीतापुर रोड-इटौंजा और दक्षिणी लखनऊ में मोहनलालगंज-सुल्तानपुर रोड क्षेत्र में कैटल कॉलोनी विकसित करने का सुझाव दिया गया है।
प्रस्ताव में प्रत्येक कैटल कॉलोनी में 24 घंटे पानी और बिजली, पक्के शेड, चारा डिपो, भूसा बैंक, पशु चिकित्सालय, टीकाकरण केंद्र, बायोगैस प्लांट और सहकारी दुग्ध कलेक्शन सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित करने की मांग की गई है।
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पुराने पशुपालकों को प्राथमिकता की मांग
शिकायत में वर्षों से शहर में डेयरी का काम कर रहे मूल पशुपालकों को प्राथमिकता के आधार पर आसान किस्तों और कम दर पर भूखंड अथवा शेड आवंटित करने की मांग भी की गई है। साथ ही प्रस्तावित कैटल कॉलोनियों को पराग डेयरी और अमूल जैसी सहकारी संस्थाओं से जोड़ने का सुझाव दिया गया है, ताकि पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य मिल सके और शहरवासियों को शुद्ध दूध उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत हो।
निहाल अहमद का कहना है कि इस व्यवस्था से पशुपालक परिवारों को सम्मानजनक तरीके से रोजगार जारी रखने में मदद मिलेगी और शहर में पशुपालन से जुड़ी अव्यवस्थाओं तथा गंदगी की समस्या को भी कम किया जा सकेगा।
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शिकायत अभी लंबित
सरकारी शिकायत पोर्टल के दस्तावेज के अनुसार शिकायत संख्या 40015726122836 है और 29 अगस्त 2026 तक इसकी स्थिति ‘लंबित’ दर्ज है। मामले को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, लखनऊ, पशुपालन विभाग को अग्रसारित किया गया है। दस्तावेज में कार्रवाई की नियत तिथि 13 सितंबर 2026 दर्ज है।
अब देखना होगा कि पशुपालकों की इस मांग पर संबंधित विभाग क्या कार्रवाई करता है।
रिपोर्ट : ज़मीर हैदर, ब्यूरो रिपोर्ट लखनऊ




