किफायती घर, बेहतर स्कूल और मजबूत समुदाय ने मुसलमानों को टेक्सास की ओर खींचा, अब बढ़ती मुस्लिम मौजूदगी पर राजनीति भी तेज
लेख : अनूप कुमार मिश्रा
अमेरिका के टेक्सास राज्य में मुस्लिम समुदाय पिछले कई दशकों से लगातार बढ़ रहा है। खासकर डलास-फोर्ट वर्थ क्षेत्र अमेरिकी मुसलमानों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना है। किफायती आवास, अच्छे स्कूल, रोजगार के अवसर और मजबूत मुस्लिम समुदाय ने बड़ी संख्या में परिवारों को यहां बसने के लिए आकर्षित किया।
लेकिन मुस्लिम समुदाय की बढ़ती सामाजिक और राजनीतिक मौजूदगी के साथ टेक्सास में इस्लामोफोबिया और मुस्लिम विरोधी राजनीतिक बयानबाजी भी चर्चा में आ गई है। न्यूयॉर्क टाइम्स की अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, मुस्लिम समुदाय के लोगों और धार्मिक नेताओं ने मस्जिदों, सार्वजनिक स्थानों और राजनीतिक आयोजनों में बढ़ती शत्रुता को लेकर चिंता जताई है।
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जब राजनीति का असर परिवार की चिंता बन गया
इसी बदलते माहौल की एक झलक इरविंग निवासी गुलाम केहर की चिंता में दिखाई देती है। अमेरिकी कोस्ट गार्ड रिजर्व में तैनात केहर जून में कई महीनों की ड्यूटी पर जाने से पहले अपनी स्थानीय मस्जिद, वैली रेंच इस्लामिक सेंटर, में फज्र की नमाज के लिए पहुंचे थे।
इस बार उन्हें अपनी पत्नी और चार बच्चों को टेक्सास में छोड़ने को लेकर चिंता थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उनका डर केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं था। उन्हें आशंका थी कि जिस माहौल में मुस्लिम विरोधी टिप्पणियां सार्वजनिक रूप से बढ़ रही हैं, उसका असर आम जिंदगी पर भी पड़ सकता है।
इरविंग में मुस्लिम समुदाय का मजबूत आधार
डलास-फोर्ट वर्थ का इरविंग क्षेत्र टेक्सास के मुस्लिम समुदाय के महत्वपूर्ण केंद्रों में शामिल है। यहां वैली रेंच इस्लामिक सेंटर जैसी बड़ी मस्जिदें समुदाय को धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक और सामुदायिक सेवाओं का आधार देती हैं।
मस्जिद के नेतृत्व से जुड़े शेख यासिर बिरजिस के अनुसार, समुदाय अपेक्षा से अधिक तेजी से बढ़ रहा है। तकनीक और ऑनलाइन सेवाओं ने भी नए लोगों को समुदाय से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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मुस्लिम आबादी के विस्तार का एक संकेत डलास-फोर्ट वर्थ क्षेत्र में मुस्लिम-बहुल देशों से आने वाले प्रवासियों की संख्या से मिलता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यह आबादी 2024 में 1.59 लाख से अधिक हो गई, जबकि करीब एक दशक पहले यह लगभग 79 हजार थी।
मस्जिदों की बढ़ती संख्या भी बनी राजनीतिक मुद्दा
मुस्लिम समुदाय के विस्तार के साथ नई मस्जिदों और इस्लामिक सेंटरों के निर्माण की योजनाएं भी बढ़ी हैं। लेकिन कुछ इलाकों में इन्हीं योजनाओं को लेकर स्थानीय विरोध सामने आया।
ईस्ट प्लानो इस्लामिक सेंटर से जुड़ी एक प्रस्तावित विकास योजना को लेकर 2025 में विरोध ने राजनीतिक रूप ले लिया। इसके बाद टेक्सास के कई रिपब्लिकन नेताओं ने मुस्लिम संस्थाओं, शरिया कानून और इस्लामिक संगठनों को लेकर कड़े रुख अपनाए।
गवर्नर ग्रेग एबॉट ने 2025 में मुस्लिम ब्रदरहुड और CAIR को टेक्सास कानून के तहत विदेशी आतंकवादी संगठन और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन घोषित किया था। इसके बाद उन्होंने CAIR की गतिविधियों और राज्य में उसके संचालन को लेकर कई कदम उठाए। CAIR ने इन कदमों को असंवैधानिक और मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने वाला बताया है।
एयरपोर्ट की वुज़ू सुविधाओं पर भी विवाद
मुस्लिम यात्रियों के लिए टेक्सास के प्रमुख हवाई अड्डों पर वुज़ू यानी नमाज से पहले हाथ-पैर धोने की सुविधाएं भी राजनीतिक विवाद का विषय बन गई हैं।
अगस्त 2026 में गवर्नर एबॉट ने डलास-फोर्ट वर्थ और ह्यूस्टन के जॉर्ज बुश इंटरकॉन्टिनेंटल एयरपोर्ट पर मुस्लिम यात्रियों के लिए उपलब्ध वुज़ू सुविधाओं की संघीय जांच की मांग की। उन्होंने इन्हें धार्मिक भेदभाव से जोड़ते हुए सवाल उठाया और एयरपोर्ट फंडिंग को लेकर भी चेतावनी दी। आलोचकों ने इसे मुस्लिम विरोधी राजनीति का हिस्सा बताया।
बो फ्रेंच के बयान से बढ़ा विवाद
मुस्लिम विरोधी बयानबाजी का सबसे तीखा उदाहरण रिपब्लिकन नेता और टेक्सास रेलरोड कमिश्नर पद के उम्मीदवार बो फ्रेंच का बयान रहा।
मार्च 2026 में CPAC के एक कार्यक्रम में फ्रेंच ने इस्लामोफोबिया को लेकर रिपब्लिकन पार्टी से और खुलकर रुख अपनाने की बात कही और बड़े पैमाने पर लोगों को अमेरिका से बाहर भेजने की मांग की। टेक्सास ट्रिब्यून के अनुसार उन्होंने 10 करोड़ लोगों को निर्वासित करने की बात कही, जो अमेरिका की कुल आबादी के लगभग एक-तिहाई के बराबर है।
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ऐसे बयान मुस्लिम नेताओं और नागरिक अधिकार संगठनों के लिए चिंता का विषय बने हैं।
क्या इस्लामोफोबिया अब राजनीतिक मुख्यधारा में आ रहा है?
टेक्सास में मुस्लिम विरोधी राजनीति को केवल व्यक्तिगत टिप्पणियों तक सीमित नहीं माना जा रहा। राज्य की राजनीति में शरिया कानून, मुस्लिम संस्थाओं, मस्जिदों और मुस्लिम संगठनों को लेकर कई प्रस्ताव और अभियान सामने आए हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के टेक्सास रिपब्लिकन सम्मेलन में मुस्लिम विरोधी भावनाएं कई भाषणों और राजनीतिक कार्यक्रमों में दिखाई दीं। कुछ समूहों ने इसे अमेरिका में कथित “इस्लामिक कब्जे” के खतरे से जोड़कर पेश किया।
मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों का कहना है कि ऐसी बयानबाजी धार्मिक स्वतंत्रता और समान नागरिक अधिकारों के सवाल को सामने लाती है।
दूसरी तरफ धार्मिक पहचान को बढ़ावा देने की राजनीति
टेक्सास में मुस्लिम विरोधी राजनीतिक विमर्श के साथ-साथ ईसाई धार्मिक प्रतीकों और बाइबिल को सार्वजनिक शिक्षा में अधिक स्थान देने की कोशिशें भी तेज हुई हैं।
जून 2026 में टेक्सास स्टेट बोर्ड ऑफ एजुकेशन ने पब्लिक स्कूलों के लिए एक अनिवार्य रीडिंग लिस्ट मंजूर की, जिसमें बाइबिल की कहानियां और अंश भी शामिल हैं। यह व्यवस्था 2030-31 शैक्षणिक वर्ष से लागू होगी। समर्थकों ने इसे साहित्यिक और ऐतिहासिक महत्व से जोड़ा, जबकि आलोचकों ने इसे धर्म और राज्य के बीच संवैधानिक दूरी को प्रभावित करने वाला कदम बताया।
मुस्लिम समुदाय का जवाब—टकराव नहीं, अधिकारों की लड़ाई
बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच मुस्लिम समुदाय के भीतर भी रणनीति को लेकर चर्चा हो रही है। कुछ लोग मानते हैं कि समुदाय को अपने सामाजिक काम और अमेरिकी समाज में योगदान को और मजबूती से सामने रखना चाहिए, जबकि दूसरे लोग कानूनी और राजनीतिक स्तर पर संगठित होकर विरोध करने की बात कर रहे हैं।
मुस्लिम विद्वान डॉ. उमर सुलेमान ने समुदाय से संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी और राजनीतिक तरीके अपनाने की जरूरत पर जोर दिया है।
उनका तर्क है कि अमेरिकी संविधान धार्मिक स्वतंत्रता और समान अधिकारों की गारंटी देता है और मुस्लिम समुदाय को इन्हीं संवैधानिक अधिकारों के आधार पर अपने खिलाफ होने वाली भेदभावपूर्ण राजनीति का मुकाबला करना चाहिए।
टेक्सास में कितने मुसलमान?
टेक्सास में मुस्लिम आबादी की सटीक संख्या बताना मुश्किल है, क्योंकि अमेरिकी जनगणना में धर्म को लेकर नियमित आधिकारिक जनगणना कॉलम नहीं होता।
विभिन्न सर्वे और अनुमान टेक्सास में मुस्लिम आबादी को कई लाख में रखते हैं। डलास-फोर्ट वर्थ क्षेत्र में मुस्लिम-बहुल देशों से आए प्रवासियों की संख्या में पिछले दशक में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसी के साथ मस्जिदों और इस्लामिक संस्थानों की संख्या भी बढ़ी है।
असली सवाल: बढ़ती आबादी या बदलती राजनीति?
टेक्सास की कहानी केवल मुस्लिम आबादी बढ़ने की कहानी नहीं है। यह अमेरिका में बदलती जनसांख्यिकी, धार्मिक स्वतंत्रता, प्रवासन और चुनावी राजनीति के बीच बढ़ते तनाव की कहानी भी है।
एक ओर मुस्लिम परिवार टेक्सास को बेहतर जीवन, शिक्षा और रोजगार के अवसरों के कारण अपना घर बना रहे हैं। दूसरी ओर राजनीतिक बयानबाजी का एक हिस्सा इसी बढ़ती मौजूदगी को सांस्कृतिक और राजनीतिक खतरे के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।
यही विरोधाभास आज टेक्सास के सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा करता है—
क्या अमेरिका में किसी समुदाय का आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत होना लोकतांत्रिक विविधता की पहचान माना जाएगा, या उसकी धार्मिक पहचान ही उसे राजनीतिक निशाना बनाने का आधार बन जाएगी?
टेक्सास में चल रही बहस का जवाब केवल राजनीति नहीं, बल्कि अमेरिकी संविधान में निहित धार्मिक स्वतंत्रता, समानता और नागरिक अधिकारों की कसौटी भी तय करेगी।

*इस लेख में व्यक्त विचार एवं विश्लेषण लेखक के निजी विचार हैं। इन विचारों से ‘पत्रकार सत्ता’ का सहमत होना आवश्यक नहीं है। लेख में उल्लिखित तथ्यों एवं दावों की जिम्मेदारी संबंधित स्रोत/लेखक की है।




