FIR के लिए थाने के बाहर डटे रहे राहुल, पुलिस को आखिर दर्ज करनी पड़ी शिकायत
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली। पैलेट गन से घायल छात्र साहिल लोचब के मामले में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आक्रामक तेवरों के आगे दिल्ली पुलिस को कदम पीछे खींचने पड़े। संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर राहुल गांधी करीब चार घंटे तक धरने पर बैठे रहे और साफ कहा कि FIR दर्ज होने तक वह धरने से नहीं उठेंगे। बाद में पुलिस ने साहिल की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली, जिसके बाद राहुल गांधी ने अपना धरना समाप्त किया।
राहुल गांधी शुक्रवार को 19 वर्षीय साहिल लोचब को साथ लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। साहिल का आरोप है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से फायरिंग में वह गंभीर रूप से घायल हुआ था। उसके शरीर और आंख में छर्रे लगे थे तथा उसकी आंख की रोशनी प्रभावित होने की बात सामने आई है।
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पुलिस से सीधा टकराव
राहुल गांधी ने पुलिस अधिकारियों से FIR दर्ज करने की मांग की। जब तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो वह वहीं धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि मांग सिर्फ FIR और जांच अधिकारी की जानकारी देने की है। उन्होंने कहा कि जब तक FIR दर्ज नहीं होती, वह वहां से नहीं हटेंगे। प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस के अन्य नेता भी धरने में शामिल हुए।
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राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के मामले में न्याय से बचने की कोशिश की जा रही है। वहीं पुलिस की ओर से कहा गया कि मामले से जुड़ी शिकायतों की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है।
चार घंटे बाद बदला घटनाक्रम
धरना लंबा खिंचने के बाद आखिरकार साहिल लोचब की शिकायत पर FIR दर्ज की गई। इसके बाद राहुल गांधी ने धरना समाप्त कर दिया। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक तौर पर भी बड़ा संदेश दिया है कि राहुल गांधी ने इस बार सड़क पर उतरकर पुलिस से सीधे जवाब मांगा और अपनी मांग पूरी होने तक पीछे हटने से इनकार किया।
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हालांकि भाजपा ने राहुल गांधी के धरने को लेकर सवाल उठाए हैं। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने इसे अराजकता की राजनीति बताया और कहा कि मामले की जांच पहले से चल रही थी।
फिलहाल FIR दर्ज होने के बाद अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल किसने किया और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।




