पत्रकार सत्ता। बिज़नेस डेस्क
नई दिल्ली। लोन की किस्त नहीं चुका पाने वाले ग्राहकों को रिकवरी एजेंटों की धमकी और उत्पीड़न से राहत देने के लिए RBI के नियम पहले से सख्त हैं और 2026 में इन्हें और स्पष्ट करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। RBI के निर्देशों के मुताबिक रिकवरी के दौरान धमकी, गाली-गलौज, शारीरिक या मानसिक उत्पीड़न और परिवार की निजता में दखल नहीं किया जा सकता।
रिकवरी एजेंट बकाया वसूली के लिए सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद लगातार फोन नहीं कर सकते। सार्वजनिक रूप से अपमानित करना, धमकी भरे या गुमनाम कॉल करना और गलत जानकारी देकर दबाव बनाना भी प्रतिबंधित है।
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2026 में प्रस्तावित नए प्रावधानों में रिकवरी एजेंटों के आचरण, प्रशिक्षण और शिकायत निवारण व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य कर्ज वसूली को दबाव और डर के बजाय निर्धारित नियमों के तहत कराना है।
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जरूरी बात: कर्ज की वसूली पर रोक नहीं है, लेकिन वसूली के नाम पर धमकी या गुंडागर्दी की इजाजत भी नहीं है।




