E20 पेट्रोल पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, बोले- ‘दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली है’

E20 पेट्रोल पर राहुल गांधी का हमला, बोले- पूरी दाल ही काली

E20 पेट्रोल पर कांग्रेस का हमला तेज, राहुल गांधी ने वीडियो जारी कर सरकार को घेरा; बोले- मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाएंगे।

पत्रकार सत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली। पेट्रोल में 20 फीसदी तक एथनॉल मिश्रण यानी E20 ईंधन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार की E20 नीति पर तीखा हमला बोला। सोशल मीडिया पर जारी करीब 53 सेकंड के वीडियो में राहुल गांधी कार के फ्यूल टैंक का ढक्कन खोलते हुए E20 को लेकर सवाल उठाते नजर आए। उन्होंने इसे “बड़ा इश्यू” बताते हुए कहा कि आमतौर पर कहा जाता है कि दाल में कुछ काला है, लेकिन यहां तो “पूरी दाल ही काली है।”

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E20 पर अब बड़ा अभियान चलाने का ऐलान

राहुल गांधी ने संकेत दिया कि कांग्रेस E20 पेट्रोल के मुद्दे को अब व्यापक स्तर पर उठाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति का असर आम लोगों की जेब और वाहनों पर पड़ रहा है। उनके मुताबिक, E20 को लेकर जनता के सामने उठ रहे सवालों को बड़े पैमाने पर रखा जाएगा।

पेट्रोल, माइलेज और वाहन को लेकर सवाल

E20 पेट्रोल में पेट्रोल के साथ 20 फीसदी तक एथनॉल मिश्रण होता है। कांग्रेस लंबे समय से इसके इस्तेमाल को लेकर वाहन मालिकों की चिंताओं का मुद्दा उठाती रही है। विपक्ष की ओर से दावा किया जाता रहा है कि कुछ वाहनों में इससे माइलेज और इंजन संबंधी समस्याएं सामने आ सकती हैं। हालांकि, इन दावों को वाहन के मॉडल और उसकी E20 अनुकूलता के संदर्भ में देखा जाना जरूरी है।

केंद्र सरकार की ओर से E20 को लेकर अपनी नीति स्पष्ट की जा चुकी है। जुलाई में संसद में सरकार ने बताया था कि फिलहाल E20 मानक जारी रहेगा और E0 या E10 पर वापस लौटने की योजना नहीं है। साथ ही सरकार ने यह भी कहा था कि कुछ प्रीमियम पेट्रोल उत्पादों में एथनॉल मिश्रण नहीं किया जाएगा।

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सरकार और विपक्ष के तर्क अलग-अलग

सरकार E20 कार्यक्रम को एथनॉल उत्पादन बढ़ाने, पेट्रोल में आयातित कच्चे तेल की निर्भरता कम करने और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम बताती रही है। संसद में सरकार की ओर से यह तर्क भी दिया गया था कि एथनॉल ब्लेंडिंग नहीं होने की स्थिति में पेट्रोल की कीमत काफी अधिक हो सकती थी।

वहीं, राहुल गांधी और कांग्रेस का जोर उपभोक्ताओं की लागत, वाहनों के प्रदर्शन और E20 के वास्तविक प्रभाव को लेकर सवालों पर है। अब इस मुद्दे के राजनीतिक रूप से और गरमाने के आसार हैं।

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