पढ़ाई प्रभावित होने से नाराज करीब 300 छात्राओं ने सड़क पर निकाला मार्च, ‘सीएम को बुलाओ, हमारी मांगें पूरी करो’ के लगाए नारे
पत्रकार सत्ता न्यूज
लखनऊ। यह जेन अल्फा की आवाज है, जो किताबों और कक्षाओं से निकलकर अब सड़क तक पहुंच गई है। लखनऊ के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय की करीब तीन सौ छात्राएं शिक्षकों की कमी और प्रभावित हो रही पढ़ाई के विरोध में सोमवार को सड़क पर उतर आईं। बड़ी संख्या में छात्राओं के एक साथ मार्च करने से दुबग्गा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई और जाम की स्थिति बन गई।
इन जेन अल्फा छात्राओं के हाथों में राजनीतिक झंडे नहीं थे, बल्कि उनके सामने अपनी पढ़ाई और भविष्य का सवाल था। छात्राएं लगातार आगे बढ़ते हुए नारे लगा रही थीं—“सीएम को बुलाओ, हमारी मांगें पूरी करो।”

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जेन अल्फा का सीधा सवाल—हमारा भविष्य कौन संभालेगा?
छात्राओं का कहना है कि करीब चार महीने बाद परीक्षाएं शुरू होनी हैं, लेकिन विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है। छात्राओं ने विशेष रूप से भौतिक विज्ञान का शिक्षक नहीं होने की बात कही।
एक छात्रा का सवाल था कि जब परीक्षा इतनी नजदीक है और विषय पढ़ाने के लिए शिक्षक ही उपलब्ध नहीं है तो वे परीक्षा की तैयारी कैसे करेंगी?
यही सवाल इस पूरे प्रदर्शन का केंद्र बन गया है। जेन अल्फा की यह पीढ़ी अपने भविष्य को लेकर सवाल पूछ रही है और चाहती है कि सरकार तथा विद्यालय प्रशासन उसकी आवाज सुने।
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‘हमें नहीं पता कहां जाना है, लेकिन अपनी बात पहुंचानी है’
प्रदर्शन के दौरान जब छात्राओं से पूछा गया कि वे कहां जा रही हैं, तो उन्होंने कहा कि उन्हें स्पष्ट रूप से नहीं मालूम कि उन्हें कहां जाना है। उनके साथ कोई शिक्षक नहीं था। करीब तीन सौ छात्राएं स्वयं अपनी मांग लेकर सड़क पर आगे बढ़ रही थीं।
यह दृश्य इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि छोटी उम्र की छात्राओं ने अपनी समस्या को सामने रखने के लिए खुद आवाज उठाने का रास्ता चुना। उन्हें आंदोलन का अनुभव भले ही न हो, लेकिन अपनी पढ़ाई और भविष्य की चिंता ने उन्हें एकजुट कर दिया।

सड़क पर उतरी जेन अल्फा ने प्रशासन को दिया संदेश
दुबग्गा में जाम से आम लोगों को परेशानी जरूर हुई, लेकिन इस भीड़ के पीछे उठ रहे सवाल को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जेन अल्फा की इन छात्राओं का सवाल सड़क खाली कराने से ज्यादा महत्वपूर्ण उनकी कक्षाओं को लेकर है।
अगर परीक्षा नजदीक हो और विषय पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध न हों तो छात्राएं अपनी शिकायत किसके सामने रखें? यही सवाल अब विद्यालय प्रशासन और सरकार के सामने है।
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जनता की नजर में छात्राओं का सवाल अहम
सड़क पर उतरी छात्राओं को केवल जाम का कारण मानकर समस्या खत्म नहीं की जा सकती। ये छात्राएं अपने लिए किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहीं, बल्कि समय पर पढ़ाई, पर्याप्त शिक्षक और परीक्षा की तैयारी का अवसर मांग रही हैं।
ऐसे में सरकार और विद्यालय प्रशासन के लिए बेहतर रास्ता यही होगा कि छात्राओं से संवाद किया जाए, उनकी समस्याओं की वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए और शिक्षकों की कमी है तो उसे तत्काल दूर किया जाए।
जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित है। छात्राओं के अनुसार, विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर पहले भी आवाज उठ चुकी है। ऐसे में इस बार जेन अल्फा का सड़क पर उतरना प्रशासन के लिए गंभीर संकेत माना जा सकता है।
जेन अल्फा की आवाज का सार साफ है—हमें राजनीति नहीं चाहिए, हमें शिक्षक चाहिए; हमें टकराव नहीं चाहिए, हमें पढ़ने का अवसर चाहिए।




