जर्जर भवनों को ध्वस्त कर एकीकृत मेडिकल परिसर बनाने की तैयारी, स्पाइनल इंजरी सेंटर और आयुर्वेदिक कॉलेज के पुनर्विकास का भी सुझाव
निर्भय सक्सेना
बरेली। उत्तर प्रदेश शासन ने बरेली के महाराणा प्रताप जिला चिकित्सालय को आधुनिक स्वरूप देने और अस्पताल की सभी चिकित्सा सेवाओं को एक ही परिसर में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू कर दी है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) से अस्पताल परिसर की विस्तृत रिपोर्ट, साइट प्लान तथा जर्जर भवनों को ध्वस्त कर नए भवन निर्माण संबंधी प्रस्ताव मांगा है।
अधीक्षण अभियंता, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं रवि कुमार द्वारा जारी पत्र में जिला अस्पताल परिसर का सर्वेक्षण कर यह बताने को कहा गया है कि कौन-कौन से भवन जर्जर हो चुके हैं, किनका लोक निर्माण विभाग से मूल्यांकन कराया जाना है और किन विभागों को एकीकृत कर एक ही भवन में स्थानांतरित किया जा सकता है। शासन का उद्देश्य जिला अस्पताल परिसर में सभी प्रमुख स्वास्थ्य सेवाओं को “एक छत के नीचे” उपलब्ध कराना है।
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जनहित में उठी मांग पर शासन सक्रिय
यह पहल वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार निर्भय सक्सेना द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं प्रदेश सरकार को भेजे गए सुझावों के बाद आगे बढ़ी है। उनके प्रस्ताव को वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा था, जिसके बाद शासन स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई।
स्पाइनल इंजरी सेंटर और आयुर्वेदिक कॉलेज पर भी फोकस
प्रस्ताव में बरेली के स्पाइनल इंजरी सेंटर के पुनर्जीवन, बांसमंडी स्थित राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज को जिला अस्पताल परिसर में स्थानांतरित करने तथा बहुमंजिला अस्पताल, चिकित्सक आवास, प्रशासनिक भवन और भूमिगत पार्किंग विकसित करने का सुझाव दिया गया है। साथ ही महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थल को हरित पार्क के रूप में विकसित करने और अस्पताल के दोनों प्रवेश द्वारों को नए ट्रैफिक प्लान से जोड़ने की भी बात कही गई है।
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सरकारी मेडिकल सुविधाओं को लेकर उठे सवाल
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि बरेली जैसे बड़े जिले में अब तक सरकारी मेडिकल कॉलेज का अभाव है। निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के बावजूद आम नागरिकों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण सरकारी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। 300 बेड अस्पताल, यूनानी कॉलेज, स्पाइनल इंजरी सेंटर और अन्य स्वास्थ्य परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर भी चिंता व्यक्त की गई है।
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एम्स और मेडिकल कॉलेज की फिर उठी मांग
निर्भय सक्सेना ने मुख्यमंत्री से बरेली में सरकारी मेडिकल कॉलेज और एम्स जैसी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा स्थापित करने की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि यदि जिला अस्पताल का सुनियोजित पुनर्विकास कर सभी चिकित्सा संस्थानों को एकीकृत किया जाए तो लाखों लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।




