4,000 से अधिक लाभार्थियों को मिले चयन पत्र, श्वेत क्रांति को गति देने पर जोर
पत्रकार सत्ता न्यूज़
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के दुग्धशाला विकास विभाग के स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेश के सभी 75 जिलों में डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान डेयरी विकास योजनाओं से जुड़े 4,000 से अधिक लाभार्थियों को चयन पत्र वितरित किए गए।
विभाग के अनुसार, कार्यक्रम का नेतृत्व दुग्ध आयुक्त श्रीमती धनलक्ष्मी के. तथा निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने विभागीय अधिकारियों के साथ किया। कॉन्क्लेव में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, डेयरी उद्यमिता को प्रोत्साहन देने और पशुपालकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।
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विभाग ने कहा कि चयन पत्र वितरण के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को डेयरी विकास योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी।
दुग्धशाला विकास विभाग ने इस अवसर को “श्वेत क्रांति की ओर एक कदम” बताते हुए प्रदेश में डेयरी क्षेत्र को आत्मनिर्भर और अधिक सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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