लोकसभा में परीक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल; शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग, छात्र आंदोलनों पर कार्रवाई को बताया लोकतंत्र विरोधी
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली। नागीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने सोमवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं, छात्रों की आत्महत्याओं तथा आंदोलनकारी युवाओं पर पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
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NEET लीक से जुड़ी आत्महत्याओं का मुद्दा उठाया
भाषण की शुरुआत करते हुए आजाद ने उन छात्रों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने कथित तौर पर NEET पेपर लीक से उत्पन्न निराशा के कारण आत्महत्या की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को प्रभावित परिवारों से मिलकर उनका दुख सुनना चाहिए। आजाद ने कहा, “देश का छात्र आज पूछ रहा है कि उसकी सफलता मेहनत से तय होगी या पेपर लीक माफिया से। मेहनत का फल तभी मिलेगा जब व्यवस्था निष्पक्ष होगी।”
बार-बार लीक हो रहे प्रश्नपत्र, व्यवस्था पर सवाल
सांसद ने कहा कि परीक्षार्थियों से आधार सत्यापन, बायोमेट्रिक पहचान और कई स्तर की जांच कराई जाती है, लेकिन प्रश्नपत्र सुरक्षित नहीं रह पाते। उन्होंने NEET, UGC-NET, CUET, उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती, UPPCS और UPTET जैसी परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने लाखों युवाओं का भविष्य संकट में डाल दिया है। उन्होंने नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग की।
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जंतर-मंतर आंदोलन पर कार्रवाई की निंदा
आजाद ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से रख रहे थे, लेकिन उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया गया। उन्होंने इसे छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास बताया और कहा कि लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए।
भाषण के दौरान समय समाप्त होने पर जताई आपत्ति
भाषण के दौरान व्यवधान और समय सीमा का हवाला देकर उन्हें रोके जाने पर आजाद ने सदन में आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन सभी सदस्यों पर समान रूप से लागू होना चाहिए और विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।
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संसद में फिर गरमाई परीक्षा सुधार की बहस
चंद्रशेखर आजाद के इस तीखे भाषण के बाद संसद में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, युवाओं के भविष्य और शिक्षा सुधार को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने इसे परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग से जोड़कर देखा है, जबकि सरकार की ओर से विधेयक को नकल और पेपर लीक पर कठोर कार्रवाई की दिशा में आवश्यक कदम बताया जा रहा है।




