चलती स्लीपर बस में 16 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, चंद्रशेखर आजाद ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

चलती स्लीपर बस में 16 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म का आरो

ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट तक बस में वारदात का दावा, VLTD, पैनिक बटन और CCTV व्यवस्था पर मांगा जवाब

पत्रकार सत्ता। डिजिटल डेस्क
नई दिल्ली/मैनपुरी। मैनपुरी की 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ चलती स्लीपर बस में चालक और परिचालक द्वारा सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों ने महिला सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीम आर्मी प्रमुख एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद ने घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए सरकार और संबंधित विभागों से सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर जवाब मांगा है।

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट तक करीब 47 किलोमीटर के सफर के दौरान चलती बस में नाबालिग के साथ कथित वारदात हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि बस की खिड़कियों पर गहरे पर्दे लगे थे, जिससे अंदर की गतिविधियां बाहर से दिखाई नहीं दे रही थीं।

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VLTD और पैनिक बटन पर उठाया सवाल

आजाद ने कहा कि कमर्शियल यात्री वाहनों में लाइव VLTD (Vehicle Location Tracking Device) और पैनिक बटन जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं अनिवार्य हैं तथा इन्हें संबंधित कंट्रोल रूम से जोड़ा जाना चाहिए। उनका सवाल है कि यदि बस में ये व्यवस्थाएं मौजूद थीं तो घटना के दौरान किसी तरह का अलर्ट क्यों नहीं मिला।

उन्होंने बसों में CCTV और अन्य निगरानी व्यवस्थाओं की भी जांच की मांग की। आजाद ने सवाल उठाया कि लंबी दूरी की स्लीपर बस में CCTV लगा था या नहीं और यदि लगा था तो घटना के दौरान उसकी रिकॉर्डिंग की जांच क्यों नहीं की गई।

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चालक-परिचालक के सत्यापन पर भी सवाल

चंद्रशेखर आजाद ने वाणिज्यिक बसों के चालक और परिचालक के पुलिस सत्यापन तथा यूनिफॉर्म पर नेमप्लेट जैसी व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि निर्भया कांड के बाद महिला सुरक्षा को लेकर कई नियम और व्यवस्थाएं लागू की गईं, लेकिन यदि इतने वर्षों बाद भी बेटियां सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षित नहीं हैं तो सुरक्षा नियमों के क्रियान्वयन और सरकारी निगरानी की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

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‘राजधानी एक बार फिर शर्मसार’

आजाद ने घटना को लेकर कहा कि यह केवल अपराध की घटना नहीं, बल्कि सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी निगरानी की गंभीर परीक्षा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और बस में मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की मांग की।

उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया के अंत में कहा—“राजधानी एक बार फिर शर्मसार।”

पुलिस जांच में घटना से जुड़े सभी तथ्यों, बस में मौजूद सुरक्षा उपकरणों, CCTV फुटेज, वाहन की लोकेशन और चालक-परिचालक के सत्यापन की स्थिति की जांच महत्वपूर्ण होगी। नाबालिग से जुड़े मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उसकी पहचान गोपनीय रखना आवश्यक है।

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