काली मंदिर हादसे पर अखिलेश ने सरकार को घेरा, मृतक के परिजनों को एक करोड़ देने की मांग

काली मंदिर हादसे पर अखिलेश यादव का हमला एक करोड़ सहायता की मांग

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सुरक्षा में लापरवाही पर उठाए सवाल

पत्रकार सत्ता ब्यूरो
चंदौली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चंदौली में सड़क चौड़ीकरण के दौरान प्राचीन काली मंदिर के ध्वस्तीकरण के समय हुए हादसे को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मजदूर की मौत पर गहरा दुख जताते हुए मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

चंदौली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर क्षेत्र में जीटी रोड चौड़ीकरण परियोजना के तहत लगभग दो सौ वर्ष पुराने काली माता मंदिर को हटाया जा रहा था। प्रशासन के अनुसार मंदिर समिति की सहमति से पहले ही पास में नया मंदिर बनाकर विधि विधान से प्रतिमाओं का स्थानांतरण कराया गया था। इसके बाद पुराने मंदिर को हटाने का कार्य शुरू हुआ। इसी दौरान मंदिर का गुंबद अचानक भरभराकर गिर पड़ा जिसकी चपेट में आने से लोक निर्माण विभाग से जुड़े एक मजदूर की मौत हो गई जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। घटना के बाद ध्वस्तीकरण का कार्य रोक दिया गया और जांच शुरू कर दी गई।

अखिलेश यादव ने सामाजिक माध्यम पर जारी अपने बयान में कहा कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर प्राचीन मां काली मंदिर को ध्वस्त किए जाने के दौरान गुंबद गिरने से मजदूर की मौत अत्यंत दुखद है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध किए बिना इस प्रकार का जोखिम भरा कार्य कराना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने सरकार से मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता देने की मांग की।

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घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कार्यस्थल प्रबंधन पर भी सवाल उठे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ध्वस्तीकरण के समय पर्याप्त सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया था तथा मजदूर गुंबद के अत्यधिक निकट कार्य कर रहे थे। इन्हीं कारणों को प्रशासनिक चूक के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि इन बिंदुओं की पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

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जिला प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह देखा जाएगा कि ध्वस्तीकरण के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और यदि कहीं लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी।

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