वन्यजीव संरक्षण और रखरखाव कार्यों पर खर्च होगी राशि, पहली किस्त के उपयोग को मंजूरी
पत्रकार सत्ता ब्यूरो
लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र प्रायोजित प्रोजेक्ट टाइगर एंड एलीफेंट योजना के तहत भारत सरकार से प्राप्त केंद्रीय सहायता की पहली किस्त के उपयोग के लिए 12 करोड़ 56 लाख 56 हजार रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। यह आदेश पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन अनुभाग-4 द्वारा 29 जुलाई 2026 को जारी किया गया। शासनादेश प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष को संबोधित है।
शासनादेश के अनुसार योजना के अंतर्गत विभिन्न मदों में धनराशि व्यय की जाएगी। सबसे अधिक राशि मजदूरी मद में स्वीकृत की गई है, जबकि अनुरक्षण, कार्यालय व्यय, वाहन रखरखाव, विशेष सेवाओं और अन्य कार्यों के लिए भी बजट निर्धारित किया गया है। कुल वित्तीय स्वीकृति 12.56 करोड़ रुपये से अधिक की है।
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किन मदों में खर्च होगी राशि
राजस्व व्यय के तहत मजदूरी मद में 8.57 करोड़ रुपये, अनुरक्षण में 1.07 करोड़ रुपये, अन्य व्यय में 43.97 लाख रुपये, वाहन अनुरक्षण व पेट्रोल आदि पर 29.57 लाख रुपये तथा विशेष सेवाओं के भुगतान पर 6.50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस मद में कुल 10.48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा अनावर्तक व्यय के तहत अनुरक्षण और अन्य व्यय के लिए 92.03 लाख रुपये तथा वृहत निर्माण कार्य, लघु निर्माण कार्य और मशीनरी व उपकरणों के लिए 1.16 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। महायोग 12.56 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
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सरकार ने लगाईं कई शर्तें
शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृत धनराशि किसी बैंक खाते में जमा नहीं की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार नियमों के तहत ही आहरित एवं व्यय की जाएगी। विभागाध्यक्ष को कार्यों की तकनीकी स्वीकृति, गुणवत्ता, वित्तीय नियमों के अनुपालन और धनराशि के सही उपयोग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी कार्य के लिए दोबारा धनराशि स्वीकृत न हो।
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वन्यजीव संरक्षण को मिलेगी मजबूती
सरकारी सूत्रों के अनुसार यह राशि बाघ और हाथी संरक्षण से जुड़े आवास प्रबंधन, रखरखाव, निर्माण कार्यों तथा आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था पर खर्च की जाएगी। इससे प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।




